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Farrukhabad News: चाचा-भतीजे के अपहरण में तीन दोषियों को दस साल की कैद

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फर्रुखाबाद। चाचा-भतीजे के अपहरण में अपर सत्र न्यायाधीश विष्णु चंद्र वैश्य ने तीन दोषियों को 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई। तीनों दोषियों को 50-50 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने के आदेश दिए।
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कंपिल थाना क्षेत्र के गांव भटमई निवासी बृज बिहारी का पुत्र संतोष कुमार व चचेरा भाई शिवदत्त 2 जुलाई 1996 को ट्रैक्टर से बाजार की ओर जा रहे थे। रास्ते में सात-आठ बदमाशों ने ट्रैक्टर रोक कर फायर किया। बदमाशों ने संतोष व शिवदत्त का अपहरण कर लिया। पुलिस ने बृजबिहारी की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने नौ जुलाई को बदमाशों के चंगुल से संतोष व शिवदत्त को छुड़वा लिया था।
विवेचक ने जनपद एटा राजा का रामपुर निवासी कल्लू उर्फ राजवीर, जनपद कासगंज कोतवाली पटियाली के संतोष, रामपाल, गांव बलदेव नगला निवासी कल्लू उर्फ राजकिशोर, गांव लालगढ़ी निवासी करन सिंह, गांव नगला भूड़ निवासी शैतान उर्फ कृपाल जाटव, रामजी लाल के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
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कोर्ट ने कल्लू उर्फ राजकिशोर, करन सिंह, रामपाल, रामजी लाल की फाइल अलग कर दी। मंगलवार को मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने चाचा-भतीजे के अपहरण में गवाह व साक्ष्य के आधार पर कल्लू उर्फ राजवीर, संतोष, शैतान उर्फ कृपाल जाटव को दोषी करार दिया था।
शुक्रवार को न्यायाधीश ने दोषी कल्लू उर्फ राजवीर, संतोष, शैतान उर्फ कृपाल जाटव को अपरहण में दस वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। तीनों दोषियों को पचास-पचास हजार रुपये अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं जमा करने पर तीनों दोषियों को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की धनराशि में से आधा अपहत संतोष को देने के आदेश दिए। अभियोजन पक्ष की ओर से तेज सिंह राजपूत, अनिल बाजपेई, दीपिका कटियार ने दलीलें दीं।
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