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नाबालिग से दुष्कर्म में दस वर्ष का कारावास

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फर्रुखाबाद। पाक्सो एक्ट के न्यायाधीश ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले दोषी को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दुष्कर्मी पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुुर्माना न देने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के एक गांव की 15 वर्षीय किशोरी 25 जनवरी 2015 को शौच के लिए खेत पर गई थी। गांव के अमर कुमार और शरद कुमार उसे साथ लेकर गए। टाउन हाल पर दोनों को जनपद मैनपुरी थाना बेवर गांव जिनौटा निवासी बहनोई विजय पाल व बहन प्रीती मिल गए। किशोरी के पिता ने चारों लोगों के खिलाफ बेटी को ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया था। किशोरी के मिलने पर पुलिस ने उसका मेडिकल कराया।
जांच के बाद विवेचना अधिकारी ने आरोपी अमर के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
बयान में किशोरी ने मर्जी से एक बार अमर के साथ संबंध बनाने की बात बताई। जिला सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विकास कटियार, अनुज कटियार व प्रतीक सिंह ने मामले की पैरवी की। सोमवार को पाक्सो कोर्ट के न्यायाधीश ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी अमर को दुष्कर्म का दोषी करार दिया। उसे दस वर्ष सश्रम कारावास और पचास हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
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गैंगस्टर में तीन वर्ष सश्रम कारावास
फर्रुखाबाद। गैंगस्टर के दोषी को न्यायाधीश ने तीन वर्ष सश्रम करावास की सजा व पांच हजार रुपये जुुर्माने से दंडित किया है। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने के आदेश दिए है।
मेरापुर के तत्कालीन एसओ मोहम्मद आसिफ ने 25 अप्रैल 2016 को गांव सिठौली निवासी रामू के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप था कि गैंग लीडर रामू गिरोह बनाकर अपराध को अंजाम देता है। विवेचक ने आरोपी रामू के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
सोमवार विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट नरेंद्र प्रकाश ने आरोपी रामू को गवाह व साक्ष्य के आधार पर दोषी करार कर तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। उस पर पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न जमा करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
न्यायाधीश ने रामू की जेल में बिताई अवधि को सजा में समायोजित करने के आदेश भी दिए हैं। विशेष लोक अभियोजन शैलेश कुमार सिंह व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भानु प्रकाश मिश्रा ने सजा दिलाने के लिए दलीलें दीं।
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