फर्रुखाबाद। शहर की प्रसिद्ध दरगाह झंडा शरीफ में तीन दिवसीय जश्न-ए-गौसे आजम का आगाज हुआ। यहां आयोजित समारोह में दस जोड़ों ने निकाह कबूल किया। इंतेजामियां कमेटी ने दूल्हा व दुल्हनों को तोहफे भेंटकर दुआओं से नवाजा। मोहल्ला सखावत हुसैन की दरगाह झंडा शरीफ में रविवार को कुरानख्वानी के साथ जश्ने गौसे आजम का आगाज हुआ। अकीदतमंदों ने झंडा शरीफ में फूलमालाएं पेश कीं और मन्नत मांगी। इंतेजामियां कमेटी ने सुबह से ही सामूहिक निकाह समारोह की तैयारियां शुरू कर दीं। दरगाह को आकर्षक ढंग से सजाया गया। दोपहर को दूल्हा व दुल्हन अपने परिजनों के साथ दरगाह पहुंचे।
बारातियों के बैठने की अलग व्यवस्था की गई थी। हाजी खलील खां, मतीन खां और वसीम खां ने मेहमानों की आवभगत की। दरगाह प्रांगण में काजी मुताहिर अली ने निकाह पढ़ाया। इससे पहले उन्होंने कहा मौजूदा दौर में महंगी शादियों का चलन बढ़ा है। ऐसे में गरीबों के सामने बेटियों का निकाह करने में दुश्वारियां बढ़ी हैं, जबकि पैगंबरे इस्लाम ने निकाह को आसान बनाने की हिदायत की है। उन्होंने दरगाह झंडा शरीफ इंतजामिया कमेटी के इस कार्य की सराहना की। सचिव नदीम खां ने बताया कि इस बार 10 जोड़े के निकाह हुए हैं। अगली बार यह संख्या बढ़ाई जाएगी। इस अवसर पर मुख्तार टेनी, इख्लाक खां मुंशी, हाजी मुजफ्फर हुसैन रहमानी, मोहम्मद हसीन, हाजी नफीस खां, सलमान खां, आमिर खां, हाफिज हसीन, अफरोज आलम खां और नसीम खां आदि मौजूद रहे। दूल्हा व दुल्हनों को दुआओं से नवाजा गया। कमेटी की तरफ से उन्हें घरेलू जरूरत का सामान भेंटकर रुख्सत किया गया।
इन जोड़ों का हुआ निकाह
चांदनी संग रियाज हसन, काजल संग सलमान शाह, जैबुन निसा संग रियासत, फरहीन संग मेराज रसूल, निशा संग साजिद, फैजी संग अफसान, शाह बानो संग अरशद अली, जैनब संग मिर्जा मुकद्दस, सीमा संग हबीब खां और तरन्नुम संग ककरुद्दीन।