मोहम्मदाबाद (फर्रुखाबाद)। बरेली-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो कारों की आमने सामने भिड़ंत के दौरान पीछे से जा रहे तेज रफ्तार टेंपो भी टकरा गया। दुर्घटना में टेंपो सवार ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि कार और टेंपो सवार 17 लोग घायल हो गए। कार सवार शादी में शामिल होने जा रहे थे और टेंपो सवार शादी से घर लौट रहे थे।
बरेली-इटावा हाईवे पर नंदगांव के पास दोपहर में दो कारों में आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस दुर्घटना में बेवर की ओर जा रहा एक टेंपो भी टकरा गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने राहगीरों और ग्रामीणों की मदद से घायलों को बाहर निकाला। इसमें मोहम्मदाबाद थाने के गांव दाउदपुर निवासी टेंपो सवार राधेश्याम उर्फ भूरे (50) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि गांव का ही सरोज (40), भाई राधेश्याम (48), भाभी पप्पी (50), छोटा भाई मनोज (45), उसकी पत्नी पत्नी श्वेता (40), भाई स्वदेश व उसकी पत्नी गौरी, अर्पित (6), शोभित (2), राधेश्याम की सास सुदामा घायल हो गए। यह लोग जसमई रायपुर में रिश्तेदार की शादी से घर लौट रहे थे।
वहीं बेवर की ओर से आ रहे कार सवार मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिला व शहर के मोहल्ला शिवशक्ति कालोनी निवासी रवेंद्र सिंह यादव (55), उनका पुत्र अभिषेक (24), मैनपुरी के गांव मघऊ निवासी मामा कप्तान सिंह (42) घायल हो गए। रविंद्र सिंह अपनी पुत्री का रिश्ता देखकर फतेहगढ़ के जेएनवी रोड निवासी चचेरे भाई कुलदीप यादव के यहां शादी में शामिल होने आ रहे थे।
एटा में शादी में जा रहे दूसरी कार सवार मोहम्मदाबाद थाने के गांव मुरहास कन्हैया निवासी सुधीर (45), भतीजी सोनिया उर्फ गौरी (28), गौरी की पुत्री आराध्या (6), चालक चला रहे बलवीर सिंह (40) घायल हो गए। यह सभी लोग कार से एटा की तरफ शादी में शामिल होने जा रहे थे। घायलों को मोहम्मदाबाद सीएचसी में भर्ती कराया गया। वहां से रवेंद्र, अभिषेक, सुधीर, गरी, आराध्या, पप्पी को लोहिया अस्पताल भेजा गया।
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मजदूरी से परिवार का करता था भरण-पोषण
मृतक राधेश्याम उर्फ भूरे चार भाइयों नेत्रपाल, मनोज एवं सरोज में तीसरे नंबर का था। उसके दो पुत्र हैं। मृतक मजदूरी करके परिवार चलाता था। मां श्यामला कुमारी, घायल पत्नी पप्पी बेहाल हैं।
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डॉक्टर ने ही किया उपचार
सीएचसी पर अचानक पहुंचे कई घायलों को देख कर्मियों के हाथ पांव फूल गए। अस्पताल में केवल एक ही स्ट्रेचर मिला। लिहाजा एक-एक कर घायलों को वार्ड तक पहुंचाया गयाा। इलाज में एकमात्र डॉक्टर सनी मिश्रा ही इलाज करते दिखे।
दूसरे कमरे में रखा था स्ट्रेचर
सीएचसी प्रभारी गौरव यादव ने बताया कि अस्पताल में दो स्ट्रेचर हैं। एक स्ट्रेचर कमरे में रखा था। उन्हें बताया जाता, तो तुरंत उपलब्ध कराया जाता। घायलों के पहुंचने की सूचना मिलने पर वह भी मौके पर पहुंच गए थे।
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ओवरटेक करने में हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बेवर की ओर से आ रही कार सवार चालक ने सामने जा रहे एक वाहन को तेज रफ्तार से ओवरटेक किया। उसी समय सामने से आ रही कार में टक्कर हो गई। चूंकि हादसा अचानक का था, तो पीछे से जा रहा टेंपो चालक भी ब्रेक लगाने से पहले ही कारों में टकरा गया। ग्रामीणों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया।