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बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान वाला घर ही मंदिर

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शहर के सधबाड़ा स्थित जैन मंदिर में सागर महाराज का पूजन करते श्रद्धालु। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। आचार्य प्रमुख सागर महाराज ने कहा कि जिस घर में बड़े और बुजुर्ग हंसते हुए मिल जाएं, समझ लेना वही मंदिर है। उन्होंने यह बात जैन मंदिर में प्रवचन के दौरान कही। इससे पहले प्रमुख सागर महाराज की अगवानी में जैन समाज के लोगों ने ढोल-नगाड़ों के बीच फूलों की वर्षा की। उनके दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
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सकल दिगंबर जैन समाज युवा समिति की देखरेख में आचार्य प्रमुख सागर महाराज का बुधवार सुबह सवा नौ बजे गुरुगांव देवी मंदिर पर स्वागत हुआ। जैन समाज के लोग ढोल-नग़ाड़े बजाते हुए टाउन हाल तिराहा, तिकोना, चौक होकर पैदल ही लोहाई रोड स्थित जैन मंदिर पहुंचे। पूजन के बाद वहां से चौक, घुमना होकर सधवाड़ा स्थित भगवान नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दर्शन किए। वहीं जैन समाज के महिला-पुरुषों ने आचार्य का पूजन कर आशीर्वाद लिया।
शाम तीन बजे प्रवचन में महाराज ने कहा कि बड़े बुजुर्ग हर घर की शान होते हैं। उनका ध्यान रखना हर युवक और युवती का पहला कर्तव्य है। जिस घर में घुसने पर बुजुर्ग के चेहरे पर मुस्कान दिखाई दे जाए, समझो वही घर मंदिर है। हर बेटा-बेटी को अपने बुजुर्गों के साथ पांच मिनट अवश्य बिताने चाहिए।
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उन्होेंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए हॉस्टल भेजते हैं, ताकि पढ़कर उनका नाम रोशन करें, मगर आज की विडंबना देखिए कि वही बच्चे अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम में भेज रहे हैं। युवाओं को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। बुजुर्ग को दुख देकर कोई भी सुखी नहीं रह सकता। इस मौके पर ऋषभ शरण जैन, दिलीप जैन, विक्रांत जैन, दीपक जैन, नेमशरण जैन, राहुल जैन, छेदालाल जैन, सुशीला जैन, मणि जैन भी मौजूद रहे।
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