फर्जी शिक्षा बोर्ड के नाम से शैक्षिक प्रमाण पत्र बांटने वाले शिक्षा माफिया को सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। उसका लोहिया अस्पताल में डाक्टरी परीक्षण कराया। आरोपी का सीबीआई कोर्ट से वारंट था। सीबीआई उसे लखनऊ ले गई।
कासगंज जिले के गंजडुंडवारा निवासी गंगादयाल शाक्य बोर्ड ऑफ सेकेंडरी, मध्य भारत, ग्वालियर के नाम से एक शिक्षा बोर्ड चलाता था। इसके ग्वालियर और गंजडुंडवारा में दफ्तर चल रहे थे। गंगादयाल ने बोर्ड से हजारों शैक्षिक प्रमाण पत्र बांट दिए थे। इससे तमाम लोगों ने सरकारी नौकरियां भी हासिल कर लीं। बीती साल सितंबर में सीबीआई ने गंगादयाल शाक्य, उनके पुत्र राहुल देव शाक्य समेत अन्य पर मुकदमा दर्ज किया था।
इसके बाद सीबीआई ने गंजडुंडवारा में छापा मारा, तो राहुल देव फरार हो गया था। सीबीआई अदालत में राहुल देव के खिलाफ वारंट जारी होने के बाद सीबीआई तलाश में जुटी थी।
सीबीआई देहरादून के इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह मायल के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार देर रात छापा मारकर राहुल देव को गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने बुधवार सुबह साढ़े छह बजे लोहिया अस्पताल में राहुल का डाक्टरी परीक्षण कराया।
इंस्पेक्टर ने बताया कि राहुल देव को मंगलवार रात फर्रुखाबाद के ही एक स्थान से गिरफ्तार किया था। उन्होंने स्थान बताने से इनकार कर दिया। बताया कि उसका सीबीआई अदालत लखनऊ से वारंट था।
उसे अदालत में पेश कर दिया गया है। शहर कोतवाल देवेंद्र दुबे ने बताया कि सीबीआई ने कोतवाली में कोई सूचना नहीं दी है। इधर, लोहिया अस्पताल में सुबह सीबीआई की टीम को देखकर तरह-तरह की चर्चाएं बनी रहीं।