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झाड़ियों व गंदगी से घिरी अमृतपुर पीएचसी, दवाओं का टोटा

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घास से घिरा अमृतपुर पीएचसी में लगा हैंडपंप। अमर उजाला - फोटो : FARRUKHABAD
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तहसील स्तर पर बना पीएचसी बदहाली का शिकार है। चारों ओर झाड़ी व गंदगी से घिरी पीएचसी पर दवाओं का भी टोटा है। इससे क्षेत्रीय मरीज अस्पताल तक दौड़ लगाने के बाद बिना दवाई के ही लौट रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों की लापरवाही के चलते कोई सुनवाई करने वाला भी नहीं है।
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बरसात के बाद बदले मौसम से इन दिनों बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इससे अमृतपुर पीएचसी पर क्षेत्र के दूर-दराज गांव के मरीज यहां पहुंच रहे हैं। हालात यह हैं कि अस्पताल के चारों ओर बड़ी-बड़ी घास व झाड़ियां खड़ी हैं।
गंदगी के भी अंबार लगे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं पर नजर डालें तो एक आयुष डाक्टर के भरोसे चल रहे अस्पताल में कई दवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। इससे यहां आने वाले मरीजों को बिना दवाई के ही लौटना पड़ रहा है।
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डाक्टर की शिकायत के बावजूद स्वास्थ्य अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। अस्पताल में बच्चों के खांसी, जुकाम व बुखार के सीरप नहीं हैं। इसके अलावा डायबिटीज, श्वास, गैस व बीपी की दवाएं भी अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं।
इससे क्षेत्रीय लोगों को पीएचसी का लाभ नहीं मिल पा रहा। पीएचसी के डा.गौरव वर्मा ने बताया कि अस्पताल में करीब 250 मरीज प्रतिदिन आते हैं। 15 दिन पहले उन्होंने दवाई के लिए कर्मचारी को मुख्यालय भेजा था। वहां मात्र सेप्ट्रान की टेबलेट देकर उसे वापस कर दिया गया। अन्य दवाएं नहीं दी गईं। इससे मरीजों को दिक्कत हो रही है।
इसको लेकर ग्रामीण उनसे भिड़ जाते और आरोप-प्रत्यारोप लगाने से भी नहीं चूकते। वह इस संबंध में भी सीएमओ को अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। सीएमओ डा. चंद्रशेखर ने बताया कि वह मामले की जानकारी कर पीएचसी पर दवाएं भेजवाएंगे।
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