क्रांतिकारी सुभाषचंद्र बोस का जन्मदिवस जिले में विभिन्न संगठनों, सामाजिक
संस्थाओं और कालेजों में मनाया गया। इस दौरान गोष्ठी और बैठकों का आयोजन
किया गया। बद्री विशाल पीजी कालेज में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा
पर प्राचार्य डा. एके चतुर्वेदी ने माल्यार्पण किया। इस दौरान उन्होंने
सुभाषचंद्र बोस के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डा.
आरके तिवारी आदि मौजूद रहे।
वहीं बढ़पुर स्थित वीएन पब्लिक स्कूल में
पतंजलि योग समिति की ओर से गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में जिला
उपाध्यक्ष दिवाकरनंद दुबे ने लोगों को सुभाषचंद्र बोस के बताए रास्ते पर
चलने की नसीहत दी। इस अवसर पर चंद्रप्रकाश बाथम, संजय दुबे, गोविंद, अभिषेक
और रामप्रकाश आदि मौजूद रहे।
उधर, जनतंत्र क्रांतिकारी मोर्चा ने ओपी
सभागार में कार्यक्रम में नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद
किया गया। प्रदेश अध्यक्ष उत्तम कुमार मिश्र ने सुभाषचंद्र बोस के जन्मदिवस
पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग की। बैठक में डा. मेहंदी हसन खां,
डा. रामकृष्ण राजपूत, रामप्रकाश शर्मा, कृष्णकांत पांडेय, पृथ्वीनरायन,
रामनराय मिश्र, उमेश सिंह तोमर और रामप्रकाश शर्मा आदि मौजूद रहे।
इधर, शहर
में अनिल कुमार दीक्षित-शिवकुमार चतुर्वेदी मेमोेरियल सोसाइटी की ओर से
मोहल्ला अढ़तियान स्थित कार्यालय में जन्मदिन युवा क्रांति दिवस के रूप में
मनाया गया। प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक कुमार त्रिवेदी ने कहा कि सुभाषचंद्र
बोस ने आजाद हिंद फौज की स्थापना करके संपूर्ण विश्व को भारतीय युवा की
परिभाषा दी थी। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री अमित पाठक,
अंकित पाठक, आशीष
त्रिवेदी, उपांशु मिश्र, दिव्यांशु सक्सेना, शैलेंद्र राजपूत और अवनीश
कुमार आदि मौजूद रहे। वहीं कलेक्ट्रेट गेट पर स्थित सुभाषचंद्र बोस की
प्रतिमा पर रमेश दयाल दुबे ने मार्ल्यापण किया। इस अवसर पर रामनिवास शाक्य,
उमेश यादव, राजा, मीना सिंह, स्नेहलता शाक्य, निर्मलचंद्र कटियार, गोविंद
कुमार और कैलाश बाथम आदि मौजूद रहे।
कायमगंज प्रतिनिधि के अनुसार विश्व
बंधु परिषद द्वारा आयोजित गोष्ठी में प्रोफेसर रामबाबू मिश्र ने कहा कि
विश्व के क्रांति इतिहास में नेताजी सुभाष चंद्र बोस सबसे अधिक तेजस्वी व
चमत्कारी व्यक्तित्व के नेता थे। आचार्य रामकृष्ण त्रिवेदी ने कहा कि
नेताजी ने स्वतंत्र भारत के जिस स्वरूप का सपना संजोया था, वह पूरा नहीं हो
सका। सत्यप्रकाश चतुर्वेदी ने कहा कि नेताजी भारत में सशस्त्र क्रांति के
अगुआ थे।
हंसा मिश्रा ने कहा कि निहित राजनीतिक स्वार्थी तत्वों ने नेता जी
की मृत्यु पर रहस्य का पर्दा डालकर जन विरोधी कार्य किया है। गोष्ठी में
आरके दुबे, जेपी दुबे, सतीश चंद्र यादव ने विचार व्यक्त किए। वहीं हिंजामं
ने नेताजी की जयंती मनाई। जिला महामंत्री प्रदीप सक्सेना ने संस्था के
सदस्यों से नेताजी के बताए रास्ते पर चलने की अपील की।
मोहल्ला कूंचा
भवानी दास में कायस्थ चेतना मंच के जिलाध्यक्ष प्रदीप सक्सेना के आवास पर
जयंती मनाई गई। ब्रजेश हजेला, उमाशंकर सक्सेना, प्रमोद सक्सेना, विकास
सक्सेना, अजय कुदेसिया, अजय सक्सेना, दिलीप कुमार और सर्वेश सक्सेना आदि
मौजूद रहे।
अखिल भारतीय युवा शक्ति संगठन के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट
परिसर के बाहर लगी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद
किया। इस अवसर पर सुनील कुमार, मोहित गुप्ता, मोहित माथुर, रमन कटियार,
शुभम ठाकुर, अश्वनी कुमार और रमन कटियार आदि मौजूद रहे।