शहर के मुख्य मार्गों पर यमदूत खड़े हैं। अगर इनको नजरअंदाज किया तो बड़ा
हादसा हो सकता है। यह यमदूत कोई और नहीं सड़क किनारे लगे झुके पोल हैं।
इनको हटाने के लिए शुरू हुई एआरपीडीआरपी योजना विभागीय अधिकारियों की
अनदेखी की भेंट चढ़ गई। इस कारण यह पोल नहीं हट सके।
शहरी इलाके की
जर्जर लाइनें बदलने, टूटे व झुके पोलों को हटाकर नए लगाने, मुख्य मार्ग पर
सड़क पर लगे पोलों को किनारे लगाने के लिए एआरपीडीआरपी योजना करीब तीन साल
पूर्व शुरू हुई थी। इसके तहत भोलेपुर से फतेहगढ़ चौराहे तक सड़क किनारे पोल
लगा कर हाईटेंशन लाइन बिछाई गई। सड़क के किनारे लगे झुके और टूटे पोलों को
कार्यदायी संस्था ने नहीं हटाया। डिवीजन कार्यालय के पास ही अभी तक सड़क
किनारे पोल लगे हैं। भोलेपुर से आवास विकास और यहां से
लाल दरवाजे तक सड़क
से दूर नए पोल लगाए गए। इन पर अभी तक हाईटेंशन लाइन शिफ्ट नहीं की गई। सड़क
किनारे लगे तिरछे पोलों से कई बार रात के समय वाहन टकरा चुके हैं। इनसे कई
लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी बिजली विभाग के अफसरों पर कोई असर
नहीं हुआ। एआरपीडीआरपी योजना के तहत कार्य कर रही कार्यदायी संस्था
मनमाने
तरीके से काम कर रही है। इससे तीन साल में भी जर्जर तार, झुके व टूटे
पोलों की समस्या से निजात नहीं मिल पाई। कार्यदायी संस्था ने बिछाई गई
हाईटेंशन लाइन के नीचे गार्डिंग भी नहीं कराई है। अगर तार टूटा तो सड़क
पर चलने वाले राहगीरों के साथ हादसा होना तय है।
कार से टूटा पोल बदला लेकिन हटाया नहीं
होली
से एक दिन पूर्व पुलिस लाइन चौराहा के नजदीक कार की टक्कर से हाईटेंशन
लाइन का बिजली पोल टूट गया था। विभागीय अधिकारियों ने यहां नया पोल लगाकर
लाइन शिफ्ट कर दी। टूटा पोल अभी तक जस का तस लटका है। इसके गिरने से किसी
भी राहगीर या वाहन चालक के साथ हादसा हो सकता है।
छत से टिका है पोल
मोहल्ला
कूंचा भवानीदास में सड़क पर लगा पोल नीचे से गलने के कारण टूट कर एक छत से
टिक गया है। यह कभी भी गिर सकता है। इसको हटाने और नया पोल लगाने के लिए
कई बार विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके
गिरने से कभी भी हादसा हो सकता है।
वर्जन
सड़क किनारे से पोल हटाए
जा रहे हैं। भोलेपुर से आवास विकास और लाल दरवाजे तक नए पोल पर शीघ्र लाइन
बिछाने और शिफ्ट करने का आदेश कार्यदायी संस्था को दिया गया है। आवास विकास
वाले मार्ग पर कई जगह पेड़ हैं। इनको कटवाने की कार्रवाई चल रही है। इस
कारण देरी हो रही है। -- सुरेश कुमार, एक्सईएन शहरी