योगी सरकार के कर्जमाफी के एलान के बाद कहीं खुशी तो कहीं गम है। एक लाख तक के कर्जदार किसानों के जख्मों पर मलहम लगा है, पर शर्तों व माफी की धनराशि कम होने से कई कर्जदारों को मायूसी हाथ लगी है।
जिले के सात विकास खंडों के 603 ग्राम पंचायतों में करीब दो लाख किसान परिवारों की जीविका केवल खेतीबाड़ी पर निर्भर है। इनमें से लगभग 60 हजार किसानों को ऋण माफी मिलने का अनुमान जिला प्रशासन लगा रहा है। इनके लिए करीब 300 करोड़ रुपये की आवश्यकता है।
पात्र किसानों का ब्यौरा तैयार करने में जिला प्रशासन जुट गया है। जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने भी बैंक के अफसरों से ऋण माफी से संबंधित ब्यौरा तलब किया है।
लीड बैंक मैनेजर एनआर चौधरी ने बताया कि एक लाख रुपये तक की कर्ज माफी के दायरे में आने वाले बकाएदार किसानों की सूची तैयार की जा रही है। छंटनी का काम जल्द हो जाएगा।
पहले 50 हजार तक के बकाएदारों का ब्यौरा खास तौर पर तैयार किया गया था, लेकिन अब एक लाख तक के कर्जदार किसानों की संख्या तलाशी जाएगी। फिलहाल वे शासनादेश आने का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि कर्जमाफी की शर्तें शासनादेश आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।
उन्होंने बताया कि 2008 में किसानों को जो छूट मिली थी, उसकी अपेक्षा इस बार ज्यादा किसानों को लाभ मिलेगा।