जिले में शराब की दुकानों पर दंगल शुरू हो गया है। मंगलवार को फतेहगढ़ कोतवाली के धंसुआ के सामने हाईवे पर लगी दुकानों को बस्ती के निकट स्थापित करने पर भड़की महिलाओं ने जाम लगा दिया। दुकानों के बाहर लगे बोर्ड को उखाड़कर फेंक दिया। पुलिस और महिलाओं के बीच तीखी झड़पें हुईं।
बेवर रोड पर नलकूप कालोनी के सामने इटावा-बरेली हाईवे पर शैलेंद्र चौहान का देशी शराब ठेका था। हाईवे से शराब के ठेके हटाए जाने के आदेश के चलते विजाधरपुर के पास बीयर और देशी शराब ठेके को धंसुआ के सामने शिफ्ट कर दिया गया।
ठेके का बोर्ड लगते ही धंसुआ गांव की रहने वाली राजकुमारी, शांति, शालिनी, आशा और गंगावती युवाओं व महिलाओं के साथ मौके पर पहुंचीं। महिलाओं की भारी भीड़ देखकर सेल्समैन दुकानें बंद कर भाग गए। महिलाओं ने दुकानें बंद करने को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया।
शमशाबाद-बेवर रोड पर जाम लगने की सूचना पर दरोगा अजीत शर्मा और अनुराग मौके पर पहुंचे। इन्होंने समझाने-बुझाने का काफी प्रयास किया लेकिन महिलाओं ने एक नहीं सुनी। महिलाओं ने कहा कि गांव के पास ठेके खुलने से यहां आने-जाने वाली महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ जायेंगी।
शराबी हुड़दंग करेंगे। आबादी से शराब ठेका की दूरी 500 मीटर से कम है। ठेकेदार नियम कानूनों को ताक पर रखकर मनमानी कर रहे हैं। मौके पर पहुंचे कोतवाल अनूप निगम ने भीड़ को समझाकर शांत कराया और कहा कि वह इस संबंध में जिलाधिकारी से शिकायत करें। फिलहाल ठेका बंद करा दिया गया। इसके बाद महिलाओं ने करीब ढाई घंटे तक जाम खोला। इस दौरान सैकड़ों वाहन जहां के तहां खड़े रहे।
जिला आबकारी अधिकारी प्रवीण दुबे का कहना है कि उन्हें जहां शिकायतें मिल रही हैं। वहां मौके पर पहुंचकर समझा-बुझा रहे हैं।नगर मजिस्ट्रेट शिवबहादुर सिंह का कहना है कि शिफ्ट की गईं शराब की दुकानों को लेकर पूरे जिले में विरोध हो रहा है।
इसके बाद भी वह लोगों को समझा-बुझा रहे हैं। शासनादेश का पालन कराया जाएगा। यदि यही हालत रही तो शहर भर के ठेके इस जद में आ जाएंगे और उन्हें बस्ती से दूर जाना होगा। पुलिस कप्तान सुभाष सिंह बघेल का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लोगों को पुलिस समझा-बुझा रही है। कानून किसी को भी अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। यदि गलत जगह ठेका खोला गया है तो लोग लिखित शिकायत करें। जांच कर कार्रवाई होगी। जाम, तोड़फोड़ या मारपीट करना उचित नहीं है।