ब्लाक संसाधन केंद्र पर शनिवार को विद्यालय प्रबंध समितियों (एसएमसी) के अध्यक्ष व सचिव को प्रशिक्षण दिया गया। निर्देश दिए गए कि सभी एसएमसी अपने विद्यालय की तीन साल की विकास योजना बनाएं। इसमें एक साल की उपयोजना शामिल होगी। एसएमसी में शामिल ग्यारह अभिभावक सदस्य शिक्षकों के ट्यूशन पढ़ाने पर भी नजर रखेंगे। यदि कोई शिक्षक ट्यूशन पढ़ाएगा तो उसकी सूचना एसएमसी के सदस्य अधिकारियों को देंगे।
ब्लाक संसाधन केंद्र पर खंड शिक्षा अधिकारी रंगनाथ चौधरी व खंड विकास अधिकारी राजेश बघेल ने प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि विद्यालय प्रबंध समिति आगामी तीन साल की जरूरतों के आधार पर कार्ययोजना बनाएं। माह के प्रत्येक बुधवार को एसएमसी की बैठक बुलाई जाए। उपस्थित सदस्यों के रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराए जाएं।
जरूरत पड़ने पर बीच में भी बैठक बुलाई जा सकती है। शिक्षक पूरी निष्ठा व ईमानदारी से बच्चों का शैक्षिक स्तर ऊपर उठाएं। हर माह की 30 तारीख को अभिभावकों की भी स्कूल में बैठक बुलाई जाए। खंड विकास अधिकारी राजेश बघेल ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक स्कूल का कायाकल्प हो। शिक्षक कायाकल्प व फाइव स्टार के कार्यों पर निगाह रखें।
विद्यालय परिसर में लगे वृक्ष न कटवाए जाएं। मास्टर ट्रेनर्स पीयूष कटियार, राजीव वर्मा, हुकुम सिंह ने प्रशिक्षण दिया। प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष अवनीश चौहान ने शिक्षकों से समस्याओं की जानकारी ली। शैक्षिक महासंघ के ब्लाक अध्यक्ष राजेश प्रताप सिंह, देवेश यादव, एकेडमिक रिसोर्स पर्सन फूल सिंह वर्मा, वीरेंद्र राजपूत, रुचि वर्मा, नीरजा कश्यप, उदित प्रताप सिंह आदि भी मौजूद रहे।