सातनपुर मंडी में आढ़तियों ने दुकान के आगे टिन शेड डालकर या पक्का निर्माण कर अतिक्रमण कर रखा है। इस संबंध में मंडी सचिव ने कई बार चेतावनी दी। सुनवाई न होने पर नोटिस जारी कर एक सप्ताह का समय दिया गया। शनिवार को मंडी सभापति अतिरिक्त एसडीएम ने आढ़तियों से 27 जनवरी तक खुद अतिक्रमण हटाने के संबंध में वार्ता की। 28 को प्रशासन जेसीबी से अतिक्रमण हटवाएगा।
सांतनपुर मंडी में अतिक्रमण करने वाले फ्लोर मिल संचालक सहित 24 आढ़तियों को चिह्नित किया गया है। इनमें किसी ने दुकान के आगे टिनशेड तो किसी ने पक्का निर्माण कर कमरा बना रखा है। दुकानों के पीछे भी अवैध निर्माण कराया गया। लोहे के खोखे भी बिना अनुमति रख लिए। अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार कहने पर भी अनसुनी की गई।
इस पर मंडी सचिव डा.दिलीप वर्मा ने 20 जनवरी को नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह में अतिक्रमण हटाने को कहा। फिलहाल पांच दिन बाद भी अतिक्रमण बरकरार है। अतिरिक्त एसडीएम बसंत कुमार गुप्ता ने शनिवार को मंडी पहुंचकर आढ़तियों से बात की। उन्होंने खुद ही अपना अतिक्रमण हटाने का सुझाव दिया।
अतिरिक्त एसडीएम ने बताया कि सभी आढ़तियों ने अतिक्रमण हटाने पर सहमति जताई है। मंडी सचिव ने बताया कि आढ़तियों को 27 जनवरी तक का मौका दिया गया है। 28 जनवरी को प्रशासन के सहयोग से जेसीबी लगाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा।
एक फरवरी से मंडी आढ़तियों के व्यापार पर लगेगा ब्रेक
मंडी शुल्क में चोरी पर अंकुश लगाने के लिए व्यापार का आनलाइन संचालन होगा। इसके लिए 31 जनवरी तक आढ़तियों को आनलाइन पंजीकरण कराने का आदेश जारी किया गया है। ई-मंडी योजना के तहत आढ़तियों को किसान वाउचर (6आर) आनलाइन काटकर देना होगा। वहीं व्यापारियों को आढ़तिया बिल (9आर) भी आनलाइन देना होगा।
इसके बाद मंडी से गेटपास भी आनलाइन काटा जाएगा। इससे क्रय-विक्रय में पारदर्शिता आने के साथ मंडी शुल्क की चोरी पर प्रभावी अंकुश लग सकेगा। 31 जनवरी तक व्यापारी व आढ़तियों को आधार कार्ड, पैन कार्ड व फर्म का निरस्त चेक आदि कागजातों के साथ आनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
इस अवधि में जो व्यापारी पंजीकरण नहीं करा पाते उनके व्यापार पर एक फरवरी से ब्रेक लग जाएगा। मंडी सचिव ने बताया कि सभी आढ़ती व व्यापारियों को 31 जनवरी तक हर हाल में आनलाइन पंजीकरण कराना है। एक फरवरी से अपंजीकृत आढ़ती व व्यापारी खरीद-फरोख्त नहीं कर सकेंगे।