एडी बेसिक ने गोद लिए लगभग आधा दर्जन विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया।
उन्हें कहीं अध्यापक हस्ताक्षर कर गायब मिले तो कहीं पत्र व्यवहार
रजिस्टरों पर काटा पीटी मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। कुछ जगह अच्छी
शैक्षिक गुणवत्ता देख अध्यापकों की पीठ भी थपथपाई। इसके बाद बीएसए कार्यालय
आकर बीएसए को विद्यालय न जाने वाले शिक्षकों के
खिलाफ कार्रवाई तथा
शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए। मंगलवार को एडी बेसिक नंद
कुमार यादव ने ब्लाक कमालगंज क्षेत्र के गोद लिए पांच विद्यालयों सहित आधा
दर्जन स्कूलों का जायजा लिया। उन्होंने सबसे पहले पूर्व माध्यमिक विद्यालय
खुदागंज पहुंचे। उन्होंने प्रधानाध्यापिका संपन्नता सिंह से बाउंड्रीवाल
टूटी होने की जानकारी की। निर्माणाधीन
शौचालय और पुताई में ईमानदारी बरतने
के निर्देश दिए। यहां सहायक अध्यापक राजेश कुमार, नीलिमा सिंह और प्रमोद
कुमार मौजूद मिले। पूर्व माध्यमिक विद्यालय कतरौली पट्टी में
प्रधानाध्यापिका शकुंतला देवी, अनुदेशक नाजरीन मौजूद थीं लेकिन शिक्षक
मुकुंद पालीवाल हस्ताक्षर कर गायब थे। प्राथमिक विद्यालय रजीपुर में एडी
बेसिक के आते ही प्रधानाध्यापिका
भगवान देवी ने सहायक अध्यापिका पूजा सिंह
का अवकाश पत्र व्यवहार रजिस्टर पर चढ़ा दिया। वहीं सहायक अध्यापिका संगीता
यादव के 21 सितंबर के अवकाश को काटकर पत्र व्यवहार रजिस्टर में 22 सितंबर
कर दिया। यह देख नाराजगी जताई और रिपोर्ट बीएसए को भेजने की बात कही।
प्रधानाध्यापिका ने बताया कि खाते में ड्रेस का पैसा नहीं आया है। कक्षा
4
की छात्रा निधि से एडी बेसिक ने संजू नाम श्यामपट पर लिखने को कहा, इस पर
उसने नाम गलत लिख दिया। कक्षा 5 की छात्रा पायल ने अपने पिता रामकिशोर का
नाम अंग्रेजी में सही लिखा। कन्या प्राथमिक विद्यालय मोहनपुर दीनारपुर में
प्रधानाध्यापिका विनय बिसारिया, सहायक अध्यापक नसीम अख्तर मौजूद थे। सहायक
अध्यापिका सारिका कटियार और
शिक्षामित्र राजीव कुमार नदारद थे।
प्रधानाध्यापिका ने बताया कि दोनों लोग बीएलओ ड्यूटी में गए हैं। कुछ देर
बाद दोनों स्कूल आ गए। एडी बेसिक ने श्याम पट पर रिक्त स्थानों को कक्षा 5
के ध्रुव, विवेक और काजल से भरवाए तथा उनके अर्थ
सही बताने पर शिक्षक नसीम
अख्तर की पीठ थपथपाई। बीआरसी पर सभी ब्लाक सह समन्वयकों को शैक्षिक
गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी योगराज
सिंह को विद्यालय में उपस्थित न मिलने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई तथा
शैक्षिण गुणवत्ता में सुधार लाए जाने के निर्देश दिए।