फर्रुखाबाद। इलाज के बाद पूरी तरह फायदा न होने के बावजूद एक मरीज की छुट्टी कर दी गई। परिजन ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि हालत बिगड़ गई।
किशोरी को इमरजेंसी ले गए। वहां से अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा, तो न स्ट्रेचर दी और न ही व्हीलचेयर। ये हालत है लोहिया अस्पताल की।
मरीज को पिता और भाभी सहारा देकर हाथ में बोतल पकड़कर अल्ट्रासाउंड कक्ष ले गए और वापस लाए। इस दौरान निरीक्षण कर रहे डीएम आशुतोष कुमार द्विवेदी मिले, मगर उनकी नजर नहीं पड़ी।
कायमगंज कोतवाली के गांव नगला उम्मेद निवासी रामसेवक की पुत्री मुस्कान (17) को पेट दर्द के बाद रविवार को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया था। मंगलवार को डॉक्टर छुट्टी कर दी। परिजन उसे ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि फिर हालत बिगड़ गई। पिता मुस्कान को इमरजेंसी ले गए। वहां भर्ती करने के बाद बोतल लगाकर अल्ट्रासाउंड लिख दिया।
इमरजेंसी में जिम्मेदारों ने न तो स्ट्रेचर उपलब्ध कराया और न ही व्हीलचेयर। लिहाजा मुस्कान को पिता और भाभी कीर्ति सहारा देकर हाथ में बोतल थामकर पैदल ही ले गए। इसी दौरान निरीक्षण करने पहुंचे डीएम आशुतोष कुमार द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद्र वर्मा, सीएमओ, एसीएमओ, सिटी मजिस्ट्रेट पैदल जा रही मुस्कान के पास से दो बार गुजरे, मगर अफसरों की नजर नहीं पड़ा।
सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि उन्होंने व्हीलचेयर के लिए कहा था, मगर नहीं मिली, यह गंभीर बात है। वह जांच कर दोषी पर कार्रवाई करेंगे।