अमृतपुर थाने के तत्कालीन एसओ, एक दरोगा समेत सात पुलिस कर्मियों के खिलाफ अदालत में परिवाद दर्ज कराया गया है। इसमें नाबालिग को पकड़ कर थाने में उसकी पिटाई करने और शांतिभंग में चालान करने का आरोप लगाया है।
अमृतपुर थाना क्षेत्र के गांव मोकुलपुर निवासी किसान कालीचरन दीक्षित ने अमृतपुर के तत्कालीन एसओ राम प्रकाश, दरोगा सुरेंद्र सिंह, सिपाही सतेंद्र सिंह, दो अज्ञात सिपाही, यूपी 100 के सिपाही ऋषिकांत व एक अज्ञात सिपाही के खिलाफ एसीजेएम न्यायालय में परिवाद दर्ज कराया है।
इसमें कहा कि पौत्र हरिओम का गांव के दीपू से झगड़ा हो गया था। सूचना पर यूपी 100 की गाड़ी आई और पौत्र हरिओम व नाबालिग पौत्र जयओम को पकड़ कर थाने ले गई। पुत्र राकेश कुमार उसी दिन पौत्र को छुड़ाने थाने गया। एसओ ने 26 दिसंबर को पुत्र को थाने बुलाया।
पौत्र छुड़वाने को वह खुद थाने गया। एसओ ने उसके साथ अभद्रता कर गालीगलौज की। दोनों पौत्रों की थाने में पिटाई की। इसके बाद उनका शांतिभंग में चालान कर दिया। एसडीएम ने हरिओम को जमानत दे दी और पौत्र जयओम को पकड़ कर लाने में एसडीएम ने एसओ की फटकार लगाई।
थाने में मारपीट करने व गलत तरीके से पौत्रों का चालान करने का एसपी को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पीड़िता के अधिवक्ता अरुण कुमार गुप्ता ने याचिका पर दलीलें पेश कीं। सुनवाई के बाद एसीजेएम के आदेश पर पुलिस कर्मियों के खिलाफ परिवाद दर्ज किया गया है।