घूरे से निकली चिंगारी से लगी आग में सात झोपड़ियां राख हो गईं। अग्निकांड
में आठ मवेशियों की जल कर मौत हो गई। मवेशी को बचाने में एक ग्रामीण झुलस
गया। घटना की जानकारी पर एसडीएम और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। गांव के
प्रधान ने अग्नि पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की है। गांव वालों के
अनुसार अग्निकांड में 7-8 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
थाना मऊदरवाजा
इलाके के गांव गुचलियाई निवासी रामचंद्र की झोपड़ी के पास में घूरा पड़ा
है। इस पर कोई राख फेंक गया था। राख में चिंगारी दबी रह गई थी। सुबह करीब
10 बजे तेज हवा चल रही थी। हवा में घूरे से निकली चिंगारी रामचंद्र के
छप्पर पर जा गिरी। इसके सुलगने से आग लग गई। हवा के कारण आग ने विकराल रूप
धारण कर यिा। इसने रामचंद्र
के बेटे रामकिशोर, विष्नु, केशराम, हरीराम,
पड़ोसी श्रीपाल और जगदीश की झोपड़ियों को चपेट में ले लिया। इससे गांव में
अफरातफरी मच गई। लोग आग बुझाने में जुट गए। घटना की सूचना फायर ब्रिगेड को
दी गई। रामकिशोर घर के पास बंधी गाय को बचाने के लिए उसे खोलने पहुंचे।
लपटों की चपेट में आकर यह झुलस गए। सूचना मिलने पर कार्यवाहक
एसओ मोहम्मद
आसिफ अख्तर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मी आग बुझाने में जुट गए।
तेज हवा के कारण दमकल कर्मियों को आग बुझाने में काफी मशक्कत उठानी पड़ी।
इस दौरान आधा दर्जन से अधिक पशु जलकर मर गए।
उधर घटना की सूचना पर प्रधान
संतोष सिंह भी अपने समर्थकों के साथ जा पहुंचे। एसडीएम सदर सुनील वर्मा,
तहसीलदार संजीव ओझा भी पहुंच गए। रामकिशोर को एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल
में भर्ती कराया गया। गांव के लोगों ने बताया कि आग से करीब 7 से 8 लाख
रुपये का नुकसान हुआ है।
यह हुआ नुकसान
रामकिशोर की एक
भैंस, एक बैल, एक गाय व एक गाय का बच्चा मर गया। हरीराम की एक भैंस, एक
गाय, एक गाय का बच्चा मर गया, एक बैलगाड़ी जल गई। विश्वनाथ की गाय झुलसी,
गाय का बच्चा मरा। केशराम का 20 बोरी गेहूं, भूसा व घरेलू सामान, रामचंद्र
की पांच हजार की नगदी, 10 बोरी गेहूं, घरेलू सामान जला। दो भैंसें भी
झुलसीं। श्रीपाल का भूसा व बैलगाड़ी, जगदीशचंद्र की बैलगाड़ी व झोपड़ी जल
गई।
खाना बनाते समय छप्पर में लगी आग
चूल्हे पर खाना बनाते समय निकली चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। इससे घरेलू
सामान जल कर राख हो गया। फतेहगढ़ कोतवाली के सिविल लाइन मढ़ैया निवासी
सुरेश कुमार के घर पर मंगलवार सुबह चूल्हे पर खाना बन रहा था। इस बीच
चूल्हे से निकली चिंगारी छप्पर पर जा गिरी। इससे छप्पर में आग लग गई। गांव
के लोग आग बुझाने जुट गए। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग
में घरेलू सामान जल कर राख हो गया।