रंग पाठशाला में प्रशिक्षण प्राप्त करते छात्र।
- फोटो : जंगल में जांच करते सीओ व अन्य।
फर्रुखाबाद। नगर के जोगराज स्थित एशियन कंप्यूटर इंस्टीट्यूट में 15 मई से 21 मई तक आयोजित सात दिवसीय रंग पाठशाला का समापन हुआ। यह आयोजन भारतेंदु नाट्य अकादमी, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश एवं श्री विश्वनाथ सामाजिक सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। पाठशाला में प्रतिभागियों को लोकनाट्य रामलीला का प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षक अरविंद कुमार दीक्षित ने प्रतिभागियों को रामलीला के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल एक नाट्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि हमारे जीवन को दिशा देने वाला सांस्कृतिक मंच है। यह समाज के प्रति हमारे कर्तव्यों की भी सीख देता है। उन्होंने बताया कि भारत ही नहीं, विश्व के कई देशों में रामलीला का मंचन होता है, जिसमें बड़े कलाकार भी हिस्सा लेते हैं। रामलीला के माध्यम से जीवन जीने की कला, ऊर्जा और सही मार्गदर्शन मिलता है।
पाठशाला में बच्चों ने अभिनय, रस, वृत्तियां तथा विभिन्न पात्रों को समझने और निभाने का प्रयास किया। बच्चों की लगन और मेहनत की सराहना करते हुए भारतेंदु नाट्य अकादमी के सदस्य सुरेन्द्र पांडेय ने कहा कि अकादमी का उद्देश्य लोकनाट्य को बढ़ावा देते हुए बच्चों को हमारी समृद्ध संस्कृति से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब बच्चे कई तरह की मानसिक उलझनों और नकारात्मकता से घिरे रहते हैं, ऐसे कार्यक्रम उन्हें ऊर्जा और सकारात्मक सोच प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर श्याम कुमार मिश्रा, डॉ. समरेन्द्र शुक्ल सहित अनेक छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। आयोजन को सफल बनाने में सभी की सराहनीय भूमिका रही।