पूर्व थल सेना अध्यक्ष विक्रम सिंह व वेद प्रकाश मलिक के साथ थल सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे। संवा?
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फर्रुखाबाद। थल सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे ने सैनिक सम्मेलन में रजिमेंट की तरक्की पर जोर दिया। युद्ध में आधुनिक तकनीक के बारे में सैनिकों को बताया। इससे पहले पूर्व थल सेनाअध्यक्षों के साथ शहीद स्थल पर जाकर सलामी दी। सुरक्षा को लेकर चाक चौबंद इंतजाम रहे।
फतेहगढ़ स्थित सिखलाइट रेजिमेंट सेंटर में पुनर्मिलन समारोह में शुक्रवार को परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल व विशिष्ट सेवा मेडल से अलंकृत 27वेें थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुुंद नरवणे, पूर्व थल सेनाध्यक्ष विक्रम सिंह, वेद प्रकाश मलिक ने शहीद स्थल पर वीर सपूतों को नमन कर सलामी दी। उनके साथ में रेजिमेंट के बिग्रेडियर हरबीर सिंह, डिप्टी कमांडेट कर्नल संदीप पांडेय, ट्रेनिंग बटालियन कर्नल इंद्रजीत सिंह सहित अन्य सेना के अधिकारी मौजूद रहे। दोपहर में सैनिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि थल सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे ने सैनिकों को संबोधित किया। रेजिमेंट के गौरवशाली इतिहास के बारे में बताकर उनका सत्साहवर्धन किया।
सैनिकों को रेजिमेंट की तरक्की के लिए प्रेरित किया। रेजिमेंट के वीर सपूतों ने कैसे वीरता का परिचय देते हुए अपने प्राणों की आहुति दी, उसके बारे में बताया। वर्तमान में युद्ध में आधुनिकता के बारे में सैनिकों को बताया। रेजिमेंट में प्रशिक्षण के लिए दिए जाने वाले नवीन उपकरणों के बारे में भी जानकारी दी। पूर्व थल सेनाध्यक्ष विक्रम सिंह व वेद प्रकाश मलिक ने भी सैनिकों से अपने अनुुुभव साझा किए। कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं। थल सेनाध्यक्ष के आगमन के चलते कैंट परिसर में जगह-जगह जवान मुस्तैद रहे। कैंट के गेट से लेकर बड़े चौराहे पर पुलिस व पीएसी तैनात रही।
फतेहगढ़ स्थित सिखलाइट रेजिमेंट सेंटर में शहिद स्थल पर सलामी देते थल सेना अध्यक्ष मनोज मुकुंद नर?- फोटो : FARRUKHABAD