कमालगंज (फर्रुखाबाद)। कस्बे के इंदिरानगर मोहल्ला स्थित वाल्मीकि बस्ती के लोगों द्वारा जबरन धर्मांतरण कराए जाने की शिकायत डीएम से की। सोमवार को एसडीएम व सीओ ने बस्ती में पहुंचकर जांच की। इस दौरान लोगों ने कहा कि बच्चों को पढ़ाने के नाम पर खोली गई पाठशाला की आड़ में धर्मांतरण का खेल शुरू हुआ। अब तक आसपास के गांवों को मिलाकर 100 से अधिक लोगों का धर्मांतरण कराया जा चुका है।
वाल्मीकि बस्ती के पूर्व सभासद गोरेलाल वाल्मीकि, रावेंद्र, बसंत, अजय, राजेश, रामदीन, अशोक आदि ने शपथ पत्र के साथ जिलाधिकारी को शिकायत भेजी थी। इसमें आरोप लगाया था कि फर्रुखाबाद के एक ईसाई समाज के चिकित्सक व नगलादीना निवासी पास्टर समाज के लोगों पर धर्मांतरण का जबरन दबाव बना रहे हैं। चिकित्सक द्वारा पैसों का लालच देने व घरों की महिलाओं को प्रलोभन देने की भी बात कही गई। इसके लिए समाज के लोगों को धमकाया भी जाता है।
सोमवार दोपहर एसडीएम सदर रजनीकांत पांडेय, सीओ अमृतपुर अजय वर्मा ने बस्ती में पहुंचकर मामले की जांच की। गोरेलाल व अन्य शिकायतकर्ताओं ने एसडीएम व सीओ से कहा कि बस्ती के सामने प्रताप नगर में वाल्मीकि समाज की धर्मशाला है। उसमें कई साल पहले ईसाई समुदाय के लोगों ने बच्चों को पढ़ाने के लिए पाठशाला लगानी शुरू की थी। इसके बाद धर्मांतरण कराने के लिए बरगलाने लगे। सांठ-गांठ करके समाज की धर्मशाला का ही ट्रस्ट बना लिया।
आस-पास के मिलाकर करीब 100 लोगों का धर्मांतरण करा चुके हैं। बसंतू ने कहा कि कई साल से पाठशाला में पढ़ाई बंद कर दी। समाज की धर्मशाला होने के बावजूद बस्ती में शादी-बरात व लोगों के ठहरने में भी अड़चन पैदा की जाती है। यह लोग वाल्मीकियों को हिन्दू समाज से खत्म करना चाहते हैं। वहीं, महादेवी ने कहा कि कुछ लोग स्वेच्छा से ही चर्च की गतिविधियों से जुड़े हैं। एसडीएम सदर रजनीकांत पांडेय ने बताया कि शिकायत के संबंध में लोगों से जानकारी ली गई है। दोनों ही पक्ष वाल्मीकि समाज के ही हैं।