कमालगंज। क्षेत्र के खुदागंज-श्रंगीरामपुर मार्ग करीब 15 बच्चों को लेकर जा रही स्कूली वैन में मंगलवार सुबह आग लग गई। चालक व ग्रामीणों ने वैन से बच्चों को निकालकर उनकी जान बचाई।
इससे बड़ा हादसा होने से बच गया। ग्रामीणों ने मिट्टी डाल कर आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक धू-धू कर वैन पूरी तरह जल गई। चार साल आठ माह पहले ही वैन की फिटनेस खत्म को चुकी थी। आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी।
थाना क्षेत्र के खुदागंज निवासी सोबरन सिंह का श्रंगीरामपुर मार्ग पर कनकौली गांव के पास गौतमबुद्ध शिक्षण संस्थान नाम से विद्यालय है। इसमें कक्षा एक से पांच तक पढ़ाई होती है। मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे स्कूल की वैन श्रंगीरामपुर की ओर से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। केसरी नगला के निकट वैन में आग लग गई। इंजन से धुआं निकलता देख साइकिल से जा रहे एक छात्र ने चालक को आवाज दी।
करीब सौ मीटर दूर जाकर अखमेलपुर निवासी चालक नरेंद्र ने वैन रोकी और राहगीरों की मदद से बच्चों को बाहर निकाला। जानकारी होते ही स्कूल से शिक्षक व अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए। वह दूसरे वाहन से बच्चों को ले गए। इसके बाद ग्रामीणों ने फावड़े से मिट्टी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वैन जल गई। इसके बाद लोगों ने पलट कर वैन सड़क से किनारे कर दी।
हादसे में किसी भी बच्चे के झुलसने की बात सामने नहीं आई है। खुदागंज चौकी प्रभारी शिवकुमार ने घटनास्थल पर जांच की। विद्यालय में प्रधानाध्यापक व प्रबंधक से पूछताछ की गई। संचालक सोबरन सिंह के पुत्र सुशांक कुमार ने बताया कि वैन शिक्षकों को लेने जा रही थी, तभी हादसा हुआ है। बच्चों के आवागमन के लिए दूसरी वैन है।
जबकि अखमेलपुर निवासी प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वैन में करीब 14-15 बच्चे सवार थे। हादसे के बाद बच्चों को निकाल कर दूसरे वाहन से भेज दिया गया। इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। आग लगने का सही कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।
उधर, प्रार्थना कराने के बाद करीब दस बजे स्कूल की छुट्टी कर दी गई। बच्चों को दूसरी वैन से उनके घरों तक पहुंचाया गया। घटना को देखते हुए पास में ही चल रहे एक और विद्यालय ने छुट्टी कर दी गई।
कारण स्पष्ट नहीं, गैस किट लगे होने की चर्चा
कनकौली के केसरी नगला के पास वैन में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। स्कूल प्रबंधक व शिक्षक मामले की दबाने में जुटे रहे। ग्रामीणों के अनुसार वैन में अवैध तरीके से गैस किट फिट कराई गई थी। चालक को वाहन चलाते समय अक्सर बीड़ी पीते देखा गया है।