खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और एसडीएम के छापों से शनिवार को कस्बे में
हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने मैगी के अलावा आटा चक्की से भी नमूने भरे।
इस दौरान दो आइसक्रीम फैक्ट्री सील कर दी गईं। एसडीएम बीडी वर्मा ने शनिवार
को खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेएस वर्मा और रमेश सिंह के साथ कस्बे में
छापामारी अभियान चलाया। टीम ने
थोेक विक्रेता सुरेश चंद्र गुप्ता की एजेंसी
पर छापा मारकर अप्र्रैल की बनी मैगी के नमूने लिए। इसके अलावा ऑल टाइम
कंपनी के टोमैटो सॉस का नमूना भरा। जटवारा रोड पर संजय गुप्ता उर्फ गुरु के
चावल मिल पर छापा मारा गया। यहां मिल संचालक लाइसेंस नहीं दिखा सके।
एसडीएम ने इन्हें सात दिन में लाइसेंस दिखाने का अल्टीमेटम दिया।
इसी रोड
पर प्रमोद कुमार राठौर की आटा चक्की पर छापा मारकर गेहूं और चावल के आटे के
नमूने भरे। इस मिल में देश की नामी कंपनी राजभोग की पैकिंग में 10-10 किलो
की बोरियां मिलीं। मिल संचालक टीम को देखकर नदारद हो गया। यहां मौजूद
कर्मचारी पवन कुमार राठौर लाइसेंस नहीं दिखा सका। एसडीएम ने लाल कुआं स्थित
मिठाई विक्रेता
जगदीश की दुकान पर खुली रखी जलेबियों को देखकर सड़क पर
फेंकवा दिया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह ने बताया कि दुकानदार को
पहले भी चेतावनी दी जा चुकी है। इसके बावजूद उसने न तो दुकान की सफाई कराई
और न लाइसेंस ही बनवाया है। खाद्य सुरक्षा टीम ने यहां के बाद रायपुर गांव
में चल रही आइसक्रीम फैक्ट्री पर छापामारी की।
टीम ने यहां चांद मियां और
विनोद कश्यप की फैक्ट्री सील कर दीं। एसडीएम ने बताया कि अभियान लगातार
जारी रहेगा। इससे खाद्य वस्तुओं में होने वाली मिलावट को रोका जा सके। टीम
की छापामारी से कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर भाग निकले।