फर्रुखाबाद। सपा के दिग्गज नेता पूर्व राज्यमंत्री नरेंद्र सिंह यादव के पुत्र सचिन यादव को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होना पाया गया। सचिन यादव कायमगंज में बुधवार को भाजपा के प्रभारी मंत्री के साथ एक मीटिंग में शामिल हुए थे। इसका फोटो वायरल होने पर पार्टी हाईकमान के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर सपा में शुरू हुआ घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर पूर्व राज्यमंत्री नरेंद्र सिंह यादव के पुत्र और अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी सचिन यादव को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल बताते हुए यह कार्रवाई की है। इधर, जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारूकी ने कहा कि पार्टी के सभी पदाधिकारी, कार्यकर्ता प्रत्याशी डॉ. सुबोध यादव को जिताने में लगें हैं। यदि कोई भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाया गया तो उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
बताया जाता है कि बीते दिन भाजपा के प्रभारी मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा कायमगंज में गए थे। इस दौरान सचिन यादव भी उनके साथ रहे। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के घर प्रभारी मंत्री के साथ बैठक में सचिन की मौजूदगी का फोटो वायरल हुआ। मामला हाईकमान तक पहुंचने के बाद सचिन यादव पर कार्रवाई की गई।
सियासी हलके में चर्चा है कि पूर्व राज्यमंत्री और छह बार विधायक रहे नरेंद्र सिंह यादव के पुत्र सचिन यादव के साथ कुछ अपने ही खेल करने में लगे हैं। प्रभारी मंत्री के साथ बैठक में शामिल होने का फोटो उन्हीं के किसी साथी ने खींचकर बाहर पहुंचाया। यही नहीं सचिन यादव को सपा से कार्रवाई कराने में भाजपा नेता का हाथ होने से इनकार भी नहीं किया जा सकता। गोपनीय बैठक का फोटो बाहर आना इन्हीं सब बातों की ओर संकेत करता है।
सपा से निष्कासित सचिन यादव ने कहा कि सपा को गलत चेहरों को आगे नहीं बढ़ाना चाहिए। वह जिले की जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं। अराजक तत्वों को जिले से बाहर भेजने तक लड़ाई लड़ते रहेंगे। जिला पंचायत का प्रत्याशी वह नहीं हैं, जो प्रत्याशी हैं वह उनसे बड़ी हैं। जिस फोटो को दिखाकर उनका निष्कासन कराया गया, वह एक डिनर का है। सपा के ही राष्ट्रीय महासचिव के डिनर में भाजपा समेत कई पार्टियों के नेताओं ने एक साथ डिनर किया था। यदि यह अपराध है तो वह स्वीकार है।