फर्रुखाबाद। पांचाल घाट पुल की मरम्मत कराने के लिए एनएचएआई ने दोबारा एक माह का समय लिया है। पुलिस ने भारी वाहनों को रोकने और दूसरे जनपदों से निकालने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद पुल से भारी वाहन धड्ल्ले से गुजर रहे हैं। ऐसे में पुल की मरम्मत कैसे होगी, तकनीकी जानकार इस पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, जाम में फंसकर ड्युटी जा रहे लोग लेट हो गए।
बुधवार सुबह से ही इटावा-बरेली हाईवे 430सी स्थित गंगा पुल पर एनएचएआई की टीम ने काम शुरू कराया। पुल पर गुजरने वाले यातायात को वनवे कर डिवाइडर लगा दिए गए। एक ओर के ज्वाइंट की खोदाई शुरू की गई। कार्यदायी संस्था ने जिला प्रशासन से मरम्मत कार्य होने के दौरान भारी वाहनों को रोकने की मांग की थी। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की ओर से रूट डायवर्जन कर दिन में भारी वाहनों को जिले की सीमा पर रोकने या बाहर से ही गुजारने के आदेश दिए गए थे।
एसपी का यह आदेश भी मातहतों ने हवा में उढ़ा दिया। दिनभर भारी वाहन पुल से निकलते रहे। वनवे होने के कारण इटावा-बरेली हाईवे पर पूरे दिन रुक-रुक कर जाम लगता रहा। जाम में स्कूल, विभिन्न कार्यालयों में जाने वाले कर्मचारी और शिक्षक डेढ़ से दो घंटे तक फंसे रहे। जैसे-तैसे वाहनों ने रेंगते-रेंगते पुल पार किया। शिक्षकों ने बताया कि मार्च माह में पहले भी ऐसी स्थिति में मरम्मत कार्य हुआ था। अब दोबारा से भारी वाहनों के बीच कैसा कार्य होगा, यह सब समझ रहे हैं। सरकारी धनराशि का गोलमाल हो रहा है। कर्मचारियों ने पुलिस से जाम से निजात दिलाने की मांग की।
यातायात प्रभारी सतेंद्र सिंह ने बताया कि भारी वाहनों को सेंट्रल जेल चौराहा पर रोका गया है। बीच में कोई वाहन मंडी आदि के लिए आ जाता है। वहीं, निकल गए होंगे। दिन में पुल की ओर जाने वाले भारी वाहनों का चालान किया जाएगा। किसी भी कीमत पर जाम नहीं लगने दिया जाएगा।