फतेहगढ़ स्थित सीएचसी में रिहर्सल करते स्वास्थ्य कर्मी व खड़ीं जेडी सरोजबाला। संवाद
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फर्रुखाबाद। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की मॉक ड्रिल में एंबुलेंस प्रबंधन की कमियों ने तैयारियों की पोल खोल दी। 108-एंबुलेंस दो घंटे में मरीज को अस्पताल पहुंचा सकी, जबकि मुश्किल से 30-40 मिनट का रास्ता है। इस पर जेडी ने दोबारा रिहर्सल कराई। दूसरी बार में भी वह समय पर नहीं पहुंच सकी। मरीज के कॉल करने पर एंबुलेंस एक घंटे बाद उसके घर तक पहुंची, जबकि मात्र 15-20 मिनट लगने चाहिए थे।
जिले में कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों को परखने के लिए चार बार मॉक ड्रिल हो चुकी है। मंगलवार को फतेहगढ़ सीएचसी (एल-2 अस्पताल) में संयुक्त निदेशक कानपुर मंडल डॉ. सरोजबाला ने पहुंचकर अपने सामने मॉक ड्रिल कराई। गांव बड़ी बरौन निवासी आशा कार्यकर्ता मीरा देवी व मुन्नी को मरीज बनाया गया। उन्होंने तबीयत बिगड़ने पर 11:04 बजे एंबुलेंस को फोन किया और तत्काल मदद मांगी। 15 से 20 मिनट में एंबुलेंस पहुंचनी चाहिए थी लेकिन एक घंटे बाद 12 बजे उनके घर पहुंची। दोनों मरीजों को पहले सीएचसी बरौन लाया गया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया। इस पर मरीजों ने दोपहर एक बजे दोबारा फोन किया।
अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस ने दोनों को सीएचसी फतेहगढ़ पहुंचाया। तब तक दो बज चुका था। एंबुलेंस पहुंचते ही स्टाफ नर्स मोना सिंह व पूजा सक्सेना ने उन्हें उतारा और डॉ. संध्या वर्मा ने जांच की। इसके बाद उपचार शुरू हुआ। वहीं अस्पताल में कुछ दवाएं भी कम थीं। रिहर्सल देखकर जेडी डॉ. सरोज बाला ने कहा कि यदि दो घंटे मरीज को पहुंचाने में लगेंगे तो जान कैसे बचाई जा सकेगी। उन्होंने रिहर्सल फेल करते हुए दोबारा कराने के निर्देश दिए। डिप्टी सीएमओ डॉ. दीपक कटारिया, डॉ. अनुराग वर्मा आदि मौजूद रहे।
जेडी डॉ. सरोज बाला ने बताया कि दोबारा रिहर्सल में भी एंबुलेंस को मरीज पहुंचाने में 55 मिनट लगे। दोबारा में सीएचसी बरौन से सीएचसी फर्रुखाबाद लाया गया, यह दूरी लगभग आठ किलोमीटर है। यहां तक पहुंचाने में 30-40 मिनट लगने चाहिए थे। अस्पताल में कुछ दवाओं की कमी थी, जिसे पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अभी अस्पताल के लिए जनरेटर भी खरीदा जाना है। स्टाफ व डॉक्टर की भी कमी है, जिसके लिए निदेशालय को पत्र भेजा जा चुका है। उन्होंने सीएमओ को दोबारा प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं। सभी अस्पतालों में अभी तैयारियां पूरी नहीं कही जा सकती हैं। कायमगंज सीएचसी में बुधवार को रिहर्सल होना है।
सीएचसी बरौन पर एंबुलेंस न होने से सिविल अस्पताल से एंबुलेंस भेजकर मरीजों को उठवाया गया। इस वजह से एक घंटा लग गया। मरीज लाने के दौरान रेलवे क्रासिंग बंद मिली, इससे अस्पताल तक पहुंचने में एक घंटा लगा। इस मामले में सीएमओ डॉ. सतीश चंद्रा ने बताया कि एंबुलेंस के प्रबंधन में ही गड़बड़ी है। डीजी कार्यालय से उन्हें भेजे गए पत्र में कहा गया कि वह सीधे कार्रवाई नहीं कर सकते हैं। बताया कि जेडी की ओर से एंबुलेंस की कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीजी को पत्र लिखा जाएगा।