छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पीड़ित छात्रा के पिता रेलवे में कर्मचारी हैं। घटना के दिन वह ड्यूटी पर गए थे। मां और बेटी घर पर अकेली थीं।
रिश्तेदारी के युवक छात्रा को नव वर्ष की पार्टी देने के नाम पर घर से बुला ले गए थे। आरोप है कि वहां उसे बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। खोजने पर मां को बेटी रिश्तेदार के घर पर बंद मिली।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र की एक मोहल्ला निवासी महिला ने अपने रिश्तेदार जयवीर बाथम, दुलारी पत्नी जयवीर, अर्जुन बाथम, करन बाथम पुत्रगण जयवीर निवासीगण न्यू शिवाजी कालोनी भोलेपुर, अजय बाथम व उसकी पत्नी सरलेश बाथम निवासी बजरिया थाना मऊदरवाजा, अंजली व उसके पति विनोद निवासी मोहल्ला हाथीखाना, विशाल निवासी नेकपुर चौरासी के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म व जानमाल की धमकी का मामला दर्ज कराया है।
इसमें बताया कि जयवीर उसका रिश्तेदार है। इससे उसका घर में आना जाना था। पति रेलवे में कर्मचारी हैं। 3 जनवरी को पति ड्यूटी पर गए थे। वह व उसकी 14 वर्षीय पुत्री जो कक्षा 10 की छात्रा घर पर थीं। तभी रिश्तेदार जयवीर के पुत्र करन, अर्जुन अपने दोस्त विशाल को लेकर घर आए। इन लोगों ने उन दोनों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।
वह पुत्री को इन लोगों के पास बैठाकर चाय बनाने चली गई। चाय पीने के बाद करन व अर्जुन ने पुत्री को नववर्ष पर पार्टी में ले जाने को कहा। पहले उसने मना कर दिया। दोनों भाइयों ने बेटी को शीघ्र ही घर वापस भेजने की बात कह उसे मना लिया। इस पर पुत्री को उनके साथ भेज दिया। काफी देर बाद भी पुत्री घर नहीं आई तो में खोजबीन की।
जयवीर के घर गई तो वहां ताला पड़ा था। करन से कई बार पूछा तो उसने बताया कि पुत्री विनोद व अजय के पास है। जब विनोद के हाथीखाना स्थित निवास पर गई तो पुत्री वहां बंद मिली। पुत्री ने बताया कि करन, अर्जुन, विनोद, अजय, विशाल ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी है। 4 दिसंबर को उसने पुत्री के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तहरीर दी है। पुलिस ने अब मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
दुष्कर्म के मामले में मुकदमा दर्ज करने में देरी
शासन समेत नोडल अफसर एडीजी ने महिलाओं संबंधी अपराधों में तत्काल मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। फिर भी फतेहगढ़ कोतवाल जसवंत सिंह ने नाफरमानी कर दी। महिला ने छात्रा के साथ 4 दिसंबर को तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज करने की जगह पहले दूसरे पक्ष से वार्ता कर मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया।
पुलिस ने मंगलवार रात मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाल जसवंत सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही थी। जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है।