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पत्नियों को सियासी मैदान में उतारने की तैयारी

Sun, 08 Nov 2015 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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अमृतपुर। आरक्षण में महिलाओं के खाते में गई सीटों पर दावेदारों ने पत्नियों को मैदान में उतारने की तैयारी कर ली है। पति और पत्नी दोनों वोट मांग रहे हैं। महिलाएं सुबह चूल्हा-चौका कर वोट मांगने के लिए निकल जाती हैं।
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राजेपुर विकास खंड में 72 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 27 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। शेराखार गौटिया, तेरा अकबरपुर, विलावलपुर तुर्कहटा अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हैं। कुडनी सारंगपुर, अलादादपुर भटौली,गलारपुर, चपरा, गुड़ेरा, डबरी, सुंदरपुर पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित हैं। अमृतपुर, जैनापुर  महेशपुर, कुम्हरौर, पिथनापुर, वीरपुर हरिहरपुर, राजेपुर राठौरी, उधरनपुर लीलापुर, सरह, जिठौली, खुटिया, करनपुर दत्त,दौलतपुर चकई, खंडौली, दहेलिया, हरसिंगपुर गहलवार, कंचनपुर, भरखा महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

आरक्षण से पहले प्रधानी के चुनाव के लिए पुरुष तैयारी कर रहे थे। आरक्षण बदलने पर पत्नियों को मैदान में उतारने की तैयारी है। ग्राम सभा करनपुर से करीब 10 महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। महिला प्रत्याशियों ने भी चुनाव लड़ने के लिए कमर कस ली है। प्रधानी की उम्मीदवार कीर्ती सिंह के पति सौरभ सिंह कहते हैं कि पहली बार उन्होंने पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा है। जनता ने सेवा का मौका दिया तो सेवा करेंगे।
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उम्मीदवार पुष्पा देवी के पति कृष्णपाल कुशवाह कहते हैं कि वह दो बार विकास कार्यों के बल पर प्रधान रह चुके हैं। इस बार भी विकास का मुद्दा लेकर पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा है। कोटेदार रवींद्र सिंह का कहना है कि पत्नी मीना सिंह को प्रधानी का चुनाव लड़ाएंगे। वहीं, ग्रामीण राजाराम का कहना है कि पिछले प्रधानी के चुनाव में उन्होंने जिस उम्मीद के साथ प्रधान को चुना था। उसमें वह खरे नहीं उतरे। इस बार सोच-समझकर वोट देंगे।

रामशरन कुशवाह, जितेंद्र कुमार, अवधेश कुमार और वीरभान सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि विकास कराने वाले को ही वोट देंगे। इसके लिए शीघ्र ही गांव के संभ्रांत लोगों के साथ बैठक की जाएगी। निर्णय लिया जाएगा कि वोट किसे दें। बैठक में जो निर्णय होगा, उसे मान्य किया जाएगा। हर बार की तरह इस बार प्रत्याशियों के लोक-लुभावन वादों से ठगेंगे नहीं।
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