फर्रुखाबाद। पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए सार्वजनिक स्थानों, कार्यालयों व पार्कों में लगाए गए पौधे देखरेख न होने से सूखने लगे हैं। ये पौधे हाकिमों ने लगाए थे। तब पौधरोपण व इनके संरक्षण को लेकर बड़ी बड़ी बातें की गई थीं। पौधरोपण के बाद हाकिमों के पीठ फेरते ही वन विभाग, सरकारी कर्मचारी और समाजसेवी सारी नसीहतें भूल गए। अनदेखी से ये पौधे सूखने लगे। इन्हें सिंचाई के लिए पानी तक नसीब नहीं हुआ। कहीं कहीं पौधे पूरी गायब हो गए हैं। अमर उजाला ने पिछले महीनों हुए पौधरोपण की पड़ताल की तो यही हकीकत सामने आई।
पौधों का नामोनिशान तक नहीं
कमालगंज। लोहिया ग्राम गंगाइच में बने अंबेडकर पार्क में जून 2014 में तत्कालीन जिलाधिकारी एनकेएस चौहान ने पौधरोपण किया था। उन्होंने अधिकारियों के साथ आधा दर्जन से ज्यादा पौधे लगाए थे। मातहतों को निर्देश दिए थे कि पौधों की देखभाल करें। देखभाल के अभाव में मौजूदा समय में अंबेडकर पार्क में लगाए गए पौधों में से एक भी पौधा नजर नहीं आ रहा है। इसके साथ ही पार्क में चारों ओर गंदगी का अंबार है। पौधों के बारे में पूछे जाने पर अफसर चुप्पी साधे हैं।
डेढ़ माह में ही सूखने लगे पौधे
फर्रुखाबाद। तत्कालीन जिलाधिकारी एनकेएस चौहान ने सदर तहसील परिसर में 15 अगस्त को पौधरोपण किया था। डीएम के साथ ही अधिकारियों ने भी पौधे लगाए थे। करीब दो दर्जन से ज्यादा पौधे लगाए गए थे। इन्हें पानी तक नहीं मिला। आवारा पशुओं ने ट्री गार्ड तोड़ दिए और पौधे जानवर चर गए। अब ये पौधे खत्म होने लगे हैं। इसी तरह रमन्ना गुलजार बाग में भी पौधरोपण किया गया था। यहां भी कई पौधे सूख गए।