फर्रुखाबाद। बिजली विभाग में वैध व अवैध हर काम के रेट निर्धारित हैं। यहां दूरी के हिसाब से घरेलू कनेक्शन के भी रेट निर्धारित हैं। जेब गर्म होते ही पोल और लाइन शिफ्ट करने के साथ बिना एस्टीमेट के ट्रांसफार्मर भी लग जाता है। बिजली चोरी भी में भी बड़ा खेल किया जा रहा।
बिजली विभाग में आम आदमी को काम कराना इतना आसान नहीं है। यहां तो हर काम के रेट निर्धारित हैं। घरेलू कनेक्शन लेना है और घर की खंभे से दूरी 40 मीटर से अधिक है तो समझो रिश्वत देनी ही पड़ेगी। आउटसोर्स कर्मियों से सौदा तय किया जाता है। 100 मीटर दूरी के कनेक्शन पर पांच हजार और इससे अधिक दूरी पर 10 हजार रुपये भी ले लिए जाते हैं। न देने पर 70 हजार रुपये का उपभोक्ता को एस्टीमेट थमा दिया जाता। यही हाल नलकूप कनेक्शन का है। यदि जल्दी काम कराना है तो 10 से 20 हजार रुपये किसानों को खर्च करने पड़ रहे। यदि लंबी दूरी तो खर्च देने पर कम दूरी का एस्टीमेट बनाकर कम लागत में खंभे व तार उपलब्ध कराने का भी ठेका ले लिया जाता है।
बिना एस्टीमेट ट्रांसफार्मर लगवाने पर 25-30 हजार रुपये तय किए जाते हैं। इसके अलावा लाइन शिफ्टिंग 20 से 50 हजार रुपये, इसके बाद दूरी और एचटी व एलटी लाइन के हिसाब से खर्च लिया जाता है। पोल हटाने के 10 से 20 हजार रुपये लेना आम बात है। घर में एसी मिलने पर जुर्माना 50 से 80 हजार रुपये का लगता है। यदि सेटिंग हो गई तो 25 से 30 हजार रुपये में मामले निपटा दिए जाते हैं। घर में पंखा व बल्ब पर बिजली चोरी 10 से 20 हजार रुपये में रफादफा हो जाता है। यदि विजिलेंस टीम ने चोरी पकड़ी तो इसके रेट और बढ़ जाते हैं। पोल व लाइन शिफ्टिंग और बिना एस्टीमेट ट्रांसफार्मर लगाने के मामलों की विभाग में जांचें भी चल रही हैं।