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भाई से प्रेम और जीवन जीने की कला सिखाती है रामायण

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मेरापुर में कथा सुनते श्रद्धालु। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। राम कथा व्यास संध्या तिवारी ने कहा कि श्रीरामचरित मानस भाई-भाई से प्रेम और जीवन जीने की कला सिखाती है। उन्होंने रावण वध और राम राज्याभिषेक तक की कथा का वर्णन किया। श्रोताओं ने भगवान फूलों की वर्षा की।
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नौ दिवसीय रामकथा समापन दिवस पर कथा व्यास ने कहा कि रामायण सत्मार्ग पर चलना सिखाती है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का हर व्यक्ति रोजाना पांच दोहा रामायण के अवश्य पढ़ें। इससे बच्चों में संस्कार की स्थापना होती है। कथा व्यास ने सीता हरण, सुग्रीव मित्रता, सबरी की कथा का मनोहारी वर्णन किया। रावण वध के बाद राम का राज्याभिषेक किया गया। इस दौरान श्रोताओं ने पंडाल में भगवान पर फूलों की वर्षा की। मुख्य यजमान राघवेंद्र मिश्र और पत्नी प्रधान अनीता मिश्रा के अलावा अमित मिश्रा, राजू मिश्रा, सुवीन मिश्रा आदि ने सपत्नीक कथा व्यास को सम्मानित किया।
कंस वध का प्रसंग सुनाया
कमालगंज। बिंजी गांव में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शनिवार को कंस वध, गोपी चीरहरण व रासलीला का वर्णन हुआ। कथा व्यास ने कंस वध की लीला सुनाई। कानपुर के पुखरायां से आए कथा व्यास अजीत चैतन्य ने छटवें दिवस की कथा में कंस वध का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि कंस वध से हमें सीख लेनी चाहिए कि बुराई की हार एक न एक दिन अवश्य होगी। इसलिए बुराई से दूर रहना चाहिए। श्रीकृष्ण यादव, कश्मीर सिंह, अभय सिंह, समरपाल, राजेंद्र यादव, रामचंद्र, रामशरण व्यवस्था में रहे। सपा के विधानसभा क्षेत्र प्रभारी अरशद जमाल सिद्दीकी भी कथा सुनने पहुंचे।
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