पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता करती संगीता देवी।
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प्याज पर बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण के लिए राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ(हाफेड) की सभापति ने सोमवार को जिले का भ्रमण किया। उन्होंने बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत अर्रापहाड़पुर मंडी में खोले गए प्याज बिक्री केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि आलू उत्पादकों का समूह बनाकर किसानों को बढ़ावा दिया जाएगा।
हाफेड की सभापति संगीता देवी सरकारी दौरे पर दोपहर को पीडब्लूडी गेस्टहाउस पहुंचीं। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि प्याज की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए सरकार गंभीर है। बिचौलियों की वजह से महंगाई बढ़ी है। इस पर नियंत्रण के लिए बिचौलियों के भंडारण केंद्रों पर छापामारी की जाएगी। बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत अर्रापहाड़पुर मंडी में प्याज विक्रय केंद्र खोला गया है।
जगह की उपलब्धता होने पर प्रत्येक ब्लाक में आलू खरीद केंद्र बनाने की योजना है। सहकारी समिति के माध्यम से प्याज भंडार गृह बनाने का प्रयास होगा। हाफेड द्वारा इस वर्ष आलू की खरीद शून्य होने के सवाल पर सभापति के साथ आए उनके ससुर हाफेड बोर्ड के डायरेक्टर आरके अवस्थी ने कहा कि इसमें सुधार का प्रयास चल रहा है। खरीद शून्य रहने का कारण उन्होंने आलू का सरकारी रेट कम होना बताया। इससे किसानों ने खुले बाजार में आलू बेचने में ही फायदा समझा।
उन्होंने कहा कि जिले में आलू की लैब खुल गई है। आलू के कितने नमूनों की जांच हुई और उसकी रिपोर्ट की स्थिति पर जवाब नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि अमरूद की बागवानी के लिए जिला चयनित हुआ है। इसे बढ़ावा देने को गोष्ठी के आयोजन होंगे। इसके बाद सभापति ने अर्रापहाड़पुर मंडी में प्याज विक्रय केंद्र का निरीक्षण किया।
इस दौरान आलू विकास एवं शाकभाजी अधिकारी आरएन वर्मा, आदित्य सेंगर आदि मौजूद रहे। सभापति के पति विश्वदीप अवस्थी ने बताया कि निरीक्षण के बाद उन्होंने कायमगंज जाकर किसानों से मुलाकात कर सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
उनके साथ सरिता मिश्र व रामजी मौजूद रहे। आलू विकास एवं शाकभाजी अधिकारी आरएन वर्मा ने बताया कि विक्रय केंद्र पर 35 रुपये किलो प्याज मिल रहा है। कोई भी अर्रापहाड़पुर मंडी से इस दर पर प्याज खरीद सकता है।