ग्रामीण इलाकों के उपकेंद्रों पर तैनात संविदा कर्मचारियों के टेंडर पास
करने में खेल होता है। कर्मचारियों के मानदेय भुगतान की एमवी करने की
जिम्मेदारी एक जेई को सौंप दी गई। इस कारण कर्मचारियों को समय से मानदेय
भुगतान नहीं होता है। पांच माह से मानदेय भुगतान न होने से गुस्साए बिजली
कर्मचारियों ने एक्सईएन का कार्यालय में घेराव किया। इन्होंने कार्यालय में
ही धरना प्रदर्शन कर समस्या समाधान की मांग की।
ग्रामीण इलाकों के
विद्युत उपकेंद्रों पर 14 अवर अभियंता तैनात हैं। उपकेंद्रों पर तैनात
संविदा लाइनमैन, एसएसओ ठेकेदार के माध्यम से तैनात किए गए हैं। इसका
प्रतिवर्ष टेंडर होता है। कर्मचारियों को मानदेय देने के लिए ठेकेदार को
भुगतान के लिए एमवी होती है। यह एमवी प्रत्येक उपकेंद्र के अवर अभियंता को
करने का प्रावधान है। लेकिन विभागीय अफसरों ने एक अवर अभियंता को सभी
उपकेंद्रों की एमवी करने की जिम्मेदारी दे दी है। इस कारण समय से संविदा
कर्मचारियों को मानदेय
भुगतान नहीं होता है। कायमगंज क्षेत्र के उपकेंद्रों
पर लगभग 32 कर्मचारी तैनात है। इनको लगभग पांच माह से मानदेय भुगतान नहीं
हुआ है। इनकी तैनाती का ठेका भी समाप्त हो चुका है। ठेका दोबारा करने के
लिए प्रस्ताव बनाकर अधीक्षण अभिंयता कार्यालय में भेजा गया या नहीं इससे
सभी बेखबर हैं। इसके बाद भी कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है।
विभाग
में टेंडर होने और एमवी किए जाने के खेल के विरोध में बिजली कर्मचारी संघ
के बैनर तले कर्मचारियों ने सोमवार को एक्सईएन ग्रामीण अमर सिंह को उनके
कार्यालय में घेर लिया । यहां कर्मचारियाें ने धरना प्रदर्शन किया।
इन्होंने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। इस दौरान बिजली कर्मचारी संघ
के जिलाध्यक्ष आदिल खान, जिलामंत्री बाबूराम बाथम, उपाध्यक्ष विशाल वर्मा,
मंडल मंत्री सलीम खां, कानपुर जोन महामंत्री सुधीर गुप्ता समेत संविदा
कर्मचारी मौजूद रहे।
जोन महामंत्री सुधीर गुप्ता ने बताया कि एक्सईएन
ग्रामीण ने प्रत्येक अवर अभियंता को अपने उपकेंद्र से संबंधित कार्यों की
एमवी करने की जिम्मेदारी दी है। अब एक अवर अभियंता से एमवी नहीं कराई
जाएगी। एक्सईएन ने टेंडर के प्रस्ताव की कापी नहीं दी है। वह 22 अप्रैल को
देंगे। अगर कापी नहीं दी जाएगी तो आंदोलन होगा।