फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की

Tue, 09 Feb 2016 11:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। पांचाल घाट स्थित नारायण आश्रम में मंगलवार को हो रही वृंदावन की रासलीला के दूसरे दिन कृष्ण जन्मोत्सव की लीला का मंचन किया गया। कलाकारों के अभिनय को देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
विज्ञापन


स्वामी अवधेशानंद महाराज के सानिध्य में कलाकारों ने मंचन में दिखाया कि कंस की क्रूरता से मनुष्यों के अलावा साधु, संत और पशु, पक्षी व्याकुल होकर भगवान की आराधना करते हैं। भगवान प्रसन्न होकर सतयुग में अवतार लेने की भविष्यवाणी करते हैं। इसके बाद भगवान कृष्ण का जन्म होता है। भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सारे फाटक अपने आप खुल जाते हैं।

वासुदेव भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप को सूप में सिर पर रखकर यमुना नदी पार कर गोकुल में नंद के घर पर छोड़ आते हैं। गोकुल धाम में नंद के घर पर उत्सव मनाया जाता है। रासलीला समापन पर सांवले सलोने सरकार की आरती कर प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
विज्ञापन


वहीं, मेले के सांस्कृतिक पंडाल में सर्वेश्वर रासलीला मंडल की ओर से रासलीला का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार रात द्रौपदी चीर हरण की लीला का मंचन हुआ। श्रोता भगवान कृष्ण और द्रौपदी के स्वरूप का मंचन कर रहे कलाकारों के अभिनय से अभिभूत हुए। लीला कर रहे महाराज धृतराष्ट्र के संवाद बोलने के तरीके से लोग गुदगुदाते रहे।

2100 साधुओं ने भंडारे में छका प्रसाद
फर्रुखाबाद। मेला श्री रामनगरिया में मंगलवार को भंडारे में 2100 साधुओं ने प्रसाद छका। मेला श्री रामनगरिया की आठवीं सीढ़ी पर आगरा क्षेत्र के धनौला कलां देवी मंदिर के महंत भगत गिरि, अयोध्या गिरि और रामदुलारे गिरि आश्रम बनाकर कल्पवास कर रहे हैं। महंत भगत गिरि ने बताया कि मेले में साधुओं के लिए भंडारे का आयोजन प्रत्येक दिन किया जाएगा। गुलाब सिंह, मनोज कुमार, मनोहर सिंह, सुरेंद्र, दीपक, राजेश, सगुन, विजय, प्रबल, शिवशरन, प्रमोद, आलोक और सोनू आदि मौजूद रहे।

मेला क्षेत्र में भागवत कथा की बयार
मेला रामनगरिया में भगवान की कथा की बयार बह रही है। दिनेश अवस्थी और शिवशरन अगिभनहोत्री ने मंगलवार को भागवत कथा सुनाई। दिनेश अवस्थी ने कहा कि माया के वशीभूत होकर मनुष्य मृत्युलोक में रहने वाले प्राणियों से मोह करने लगता है। भगवान से मोह करने वालों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें