फर्रुखाबाद। पुलिस चौकी से कुछ दूर कैश कलेक्शन कंपनी के कर्मी को दिनदहाड़े गोली मारकर 7.50 लाख रुपये लूटने के मामले में पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हैं। मंगलवार को पुलिस ने कोरियर सेंटरों के कर्मियों से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार रेकी के बाद को अंजाम दिया गया है। इसमें स्थानीय के साथ गैरजनपद के पेशेवर बदमाशों के शामिल होने की बात कही जा रही है। हाल में ही जमानत पर छूटे व अन्य बदमाश भी पुलिस के रडार पर हैं। भाई की तहरीर पर पुलिस ने सोमवार देर रात प्राथमिकी दर्ज की लेकिन लूट की रकम का जिक्र नहीं किया।
सोमवार दोपहर में कादरीगेट थाना क्षेत्र के गांव सकवाई निवासी कैश कलेक्शन कंपनी के कर्मी राजेश कुमार शर्मा को गोली मारकर 7.50 लाख रुपये लूट लिए गए थे। इस घटना में डीआईजी की सख्ती के पुलिस ने तेजी से काम किया है। पुलिस ने उन सभी स्थानों की सूची तैयार कर ली है, जहां से राजेश ने कैश एकत्रित किया था। वहां के कर्मियों से भी पूछताछ की गई। दिनदहाड़े सेंट्रल जेल चौकी के पास भीड़भाड़ स्थान पर गोली मारकर लूट की घटना को अंजाम देना एक चुनौती है। इसके बावजूद अभी तक संतोषजनक प्रगति नहीं हुई है। पुलिस सूत्र बताते हैं कि एक टीम जल्द में ही जेल से जमानत पर छूटे अपराधियों और पहले से घटनाओं को अंजाम देने में शातिर बदमाशों की सूची तैयार कर ली है। इन बदमाशों की लोकेशन भी ट्रेस की जा रही है कि घटना के समय यह कहां थे। इसके साथ ही उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
थाना पुलिस के अलावा एसओजी, सर्विलांस टीम और सीओ के सामने भी घटना को जल्द खुलासा करना चुनौती बन गया है। उधर, पुलिस ने लूट का शिकार राजेश के भाई राजू शर्मा की तहरीर पर देर रात प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। डीआईजी हरीश चन्दर ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। कुछ सुराग हाथ लगे हैं। रेकी कर घटना को अंजाम दिया गया है। जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।
लूट के शिकार राजेश कुमार शर्मा के भाई राजू शर्मा ने बताया कि फिलहाल कानपुर के हैलट अस्पताल में इलाज चल रहा है। लोहिया अस्पताल के एक्सरे में बुलेट फंसा दिख रहा थी। राजू ने बताया कि हैलट में दोबारा एक्सरे कराया गया है। यहां के सर्जन ने ऑपरेशन के लिए बृहस्पतिवार की तारीख दी है। पुलिस कर्मी समय-समय पर हालचाल जान रहे हैं। फिलहाल इलाज चल रहा है।
सातनपुर मंडी में रोजाना करोड़ों रुपये के आलू का कारोबार होता है। घटनास्थल के आसपास कई बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनियां भी हैं। यहां भी रुपये का लेन-देन होता है। घटना के बाद से आढ़तियों और ट्रांसपोर्टरों में दहशत बरकरार है।
लुटेरों ने जब कर्मचारी राजेश से बैग छीनने का प्रयास किया, तो उसने काफी देर तक छीनाझपटी की। पीड़ित के अनुसार बदमाशों की संख्या दो थी। गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए राजेश ने बताया था कि बदमाशों का एक मोबाइल मौके पर ही गिर गया था। वहां पहुंची पुलिस ने मोबाइल ले लिया था। यही बात कैश कलेक्शन कंपनी के मैनेजर विक्रमादित्य सिंह ने भी बताई थी। हालांकि थाना पुलिस लुटेरों का मोबाइल मिलने से इन्कार कर रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि पीड़ित, कंपनी का मैनेजर लुटेरों का मोबाइल गिर जाने की बात झूठ क्यों बताएगा। पुलिस मोबाइल की बात क्यों नहीं बता रही इसके पीछे मूल वजह कुछ खास रणनीति होना माना जा रहा है।