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Farrukhabad News: प्रधानमंत्री आवास गिरा, बाल-बाल बचे परिजन

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कंपिल। करीब दो साल पहले सरकार की ओर से मिले प्रधानमंत्री आवास के आए 1.20 लाख रुपये बैंक के बाहर ही प्रधान पुत्र ने ले लिए। इसके बाद उन्होंने आवास बनवा दिया। चार दिन पहले लिंटर नीचे की ओर झुका दिखा, तो दंपती ने सामान निकालकर झोपड़ी में रख लिया। बुधवार सुबह पूरा लिंटर गिर गया। इससे परिजन बाल-बाल बच गए।
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थाना क्षेत्र के गांव इकलहरा निवासी साददेव की पत्नी नन्ही को दो साल पहले प्रधानमंत्री आवास के 1.20 लाख रुपये मिले थे। उसके बाद प्रधान की ओर से आवास का निर्माण करवा दिया गया था। नन्ही ने अपना सामान आवास में रख लिया और रहने लगीं। चार दिन पहले आवास का लिंटर नीचे की ओर झुका दिखाई दिया। इस पर उन्हें गिरने का खतरा सताने लगा। आसपास लोगों की सलाह पर नन्ही ने आवास से अपना पूरा सामान निकालकर दोबारा झोपड़ी में रख लिया।
वह पांच बच्चों के साथ रहने लगीं। बुधवार सुबह अचानक पूरा लिंटर भरभराकर गिर गया। इससे परिवार के लोग बाल-बाल बच गए। नन्ही ने बताया कि जब बैंक खाते में रुपये आ गए, तो प्रधान जाहिरा बेगम के पुत्र जमशाद ने बैंक से रुपये निकालने को कहा। उन्होंने बैंक से रुपये निकाले, तो बैंक के बाहर ही पूरे 1.20 लाख रुपये उसने ले लिए थे।
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प्रधान के पुत्र ने ही खुद निर्माण सामग्री और मिस्त्री बुलवाकर मकान बनवा दिया था। उसमें घटिया सामग्री लगाई गई। यही वजह रही कि वह दो साल में ही आवासहीन हो गई हैं। अब फिर झोपड़ी में ही सर्द रातें काटने के लिए मजबूर हैं।
उन्होंने प्रधान को सूचना दी, मगर कोई देखने तक नहीं आया। बीडीओ उपेंद्र नाथ खलवार ने बताया कि आवास गिरने की सूचना नहीं है। यदि ऐसा है, तो सभी बिंदुओं पर जांच कराई जाएगी। प्रधान के पुत्र जमशाद का पक्ष जानने के लिए कई बार फोन मिलाया गया, मगर स्विच ऑफ होने की वजह से बात नहीं हो सकी।
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