फर्रुखाबाद। सातनपुर मंडी से व्यापारियों ने लाखों क्विंटल आलू खरीदकर शीतगृहों में भंडारण किया। अब अधिकतर शीतगृह भी लगभग खाली हैं। मंडी शुल्क के करोड़ों रुपये का भी हिसाब नहीं है। फिलहाल एक लाख क्विंटल से अधिक आलू का स्टॉक करने वाली तीन फर्मों की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है।
शहर की सातनपुर मंडी में प्रति वर्ष करोड़ों रुपये का आलू व्यापार होता है। पिछले सीजन में व्यापारियों ने मंडी से आलू खरीदकर 6-आर रसीद कटवाने के बाद शीतगृहों में भंडारित करा दिया। शर्त यह थी कि जब शीतगृहों से आलू निकालकर बिक्री की जाएगी, उसी दौरान मंडी शुल्क भी जमा होगा।
बताया जा रहा है कि 100 से अधिक व्यापारियों ने 6-आर रसीद के आधार पर बिना मंडी शुल्क जमा किए कई लाख क्विंटल आलू भंडारित किया था। हालात यह हैं कि जनपद के 107 शीतगृहों में भंडारित 80 लाख 64 हजार 650 क्विंटल आलू में करीब 5.5 लाख क्विंटल ही शेष रह गया है।
व्यापारियों का भंडारित आलू भी बिक चुका होगा। इसमें कितना मंडी शुल्क जमा किया गया, यह अभी रहस्य बना हुआ है। सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर मंडी सचिव ने तीन फर्मों की जांच के लिए मंडी निरीक्षक प्रियांशु मिश्र, आरती देवी व मंडी सहायक सुनील कुमार वर्मा की कमेटी गठित की है। इसमें सातनपुर की रोहित एंड कंपनी के पास 117181 क्विंटल, न्यू एपी ट्रेडर्स के पास 115375 क्विंटल व राजीव ट्रेडर्स के पास 127111 क्विंटल आलू का स्टॉक है।
मंडी सचिव सूरज सहाय सक्सेना ने बताया कि उनके कार्यकाल से पहले ही फर्मों ने आलू का स्टॉक किया था। जानकारी मिली है है कि एक फर्म संचालक की मौत हो चुकी है। इसका भी सत्यापन कराया जा रहा है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई तय की जाएगी।