फर्रुखाबाद। निसाई गांव की प्रधान के गैंगस्टर के आरोपी पति की अनैतिक कार्यों से अर्जित 6.26 करोड़ की संपत्ति जिलाधिकारी ने कुर्क कर ली है। संपत्ति के प्रबंधन के लिए तहसीलदार को प्रशासक नियुक्त किया है। मंगलवार को ही आरोपी जमानत पर जेल से छूटा था।
मोहम्मदाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत निसाई की प्रधान गीता देवी के पति सत्येंद्र सिंह के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा है। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा नेअनैतिक कार्यों से करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित करने की रिपोर्ट डीएम को दी थी। इसमें बताया गया कि नौ जगह कृषि, आवासीय व व्यवसायिक भूमि है जिसकी सर्किल रेट के आधार पर कीमत तीन करोड़ 62 लाख 51 हजार 400 रुपये है।
गैसिंगपुर तिराहा मोहम्मदाबाद के 30 लाख 28 हजार 105 रुपये कीमत का छोटू ढाबा , एक करोड़ 80 लाख 94 हजार 451 कीमत का स्कूल, नौ टाटा ट्रक, एक टाटा डिलेवरी वैन, एक टाटा मोटर व एक बाइक के अलावा प्रधान (आरोपी की पत्नी) के खाते में 23 हजार 563 रुपये जमा हैं। पूरी संपत्ति की कीमत करीब छह करोड़ 26 लाख 81 हजार 956 रुपये आंकी गई है। एसपी की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने गैंगस्टर के आरोपी सत्येंद्र सिंह की पूरी संपत्ति कुर्क कर ली है।
तहसीलदार सदर को कुर्क संपत्ति और वाहनों के प्रबंधन के लिए प्रशासक नियुक्त किया है। तहसीलदार आवश्यकता अनुसार पुलिस की सहायता प्राप्त कर सकते हैं। आरोपी सत्येंद्र सिंह को संपत्ति कुर्क होने के मामले में 20 सितंबर को स्पष्टीकरण देने का मौका भी दिया गया है। तहसीलदार राजू कुमार ने बताया कि कॉपी मिलते ही डीएम के आदेश का पालन किया जाएगा।
वर्ष 2004 से दर्ज हुआ था पहला मुकदमा
फर्रुखाबाद। निसाई गांव के सत्येंद्र सिंह के खिलाफ वर्ष 2004 में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके एक वर्ष बाद लूट का मुकदमा हुआ और 2008 में गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई। उसी वर्ष्ज्ञ सत्येंद्र शराब के साथ भी पकड़ा गया था। वर्ष 2009 में फिर तमंचा सहित गिरफ्तार कर मिनी गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई। वर्ष 2011 में रसोई गैस की कालाबजारी में दर्ज हुआ। वर्ष 2018 में लेखपाल से मारपीट करने पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मुकदमा हुआ और वर्ष 2020 में सत्येंद्र के प्रतिष्ठान से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई। वर्ष 2021 में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज हुआ।
मंगलवार को जमानत पर छूटने पर बांटी थी मिठाई
सत्येंद्र को त्रिस्तरीय पंचायत के चुनाव के दौरान ही गैंगस्टर के मुकदमे में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। मंगलवार को जमानत पर छूटने के बाद सत्येंद्र जिला जेल से छूटकर घर पहुंचा। साढ़े चार माह तक जेल में रहने के बाद रिहाई मिलने पर सत्येंद्र आसपास के गांव के लोगों को मिठाई खिलाकर गुरुवार को खुशी मना रहा था। संपत्ति कुर्क होने की जानकारी पर उसकी खुशी काफूर हो गई।