आलू किसानों को फसल बीमा क्लेम से बाहर कर दिया गया है। यह स्थिति तब है जब
आलू किसानों ने बीमा की प्रीमियम जमा किया है। बीमा कंपनी आलू नुकसान को
क्लेम के जद में मानने से ही इनकार कर दिया है। ऐसे में हजारों किसानों की
बीमा क्लेम पाने की उम्मीद पर पानी फिर गया है।
गेहूं व आलू की फसल के
लिए जिले के 11,738 किसानाें ने बीमा क राया था। इनसे बीमा कं पनी एचडीएफसी
अरगो ने प्रीमियम भी लिया था। किसानों ने एक करोड़ 33 लाख 59 हजार रुपया
प्रीमियम जमा किया था। इनमें से 5734 आलू किसान हैं। इन्हें कंपनी ने
क्लेम से बाहर कर दिया है। इन्हें फसल की बर्बादी का कोई भी क्लेम नहीं
मिलेगा। गेहूं के 6004 किसानाें को फसल बीमा कराया है। इनमे से 3534
किसानों को ही क्लेम मिलेगा। इनके लिए बीमा कंपनी ने एक करोड़
39 लाख 4
हजार 297 रुपया रिलीज किया है। यह पैसा आरटीजीएस से किसानाें के खाते में
भेजा जाएगा। बुधवार को बीमा कंपनी ने उप कृषि निदेशक कार्यालय को इस संबंध
में बाकायदे रिपोर्ट भेजी है, जिसमें आलू किसानों को क्लेम के दायरे में
नहीं माना है। मालूम हो कि मार्च की बरसात ने गेहूं के साथ ही आलू की
फसल पर भी क हर बरपाया था। खेतों
में खुदा पड़ा आलू सड़ गया था। इससे
किसानों को खासा नुकसान उठाना पड़ा था। बरसात से दागी आलू को आढ़तियों ने
बेहद सस्ते रेट पर खरीदा था। इससे इनकी लागत भी सीधी नहीं हुई थी। आलू
किसानाें का कहना है कि बीमा कंपनी ने ठीक से सर्वे नहीं किया। उनके साथ
धोखा किया गया है।
खरीफ की फसल में भी गच्चा
बीमा कंपनी
खरीफ फसल में सूखा से तबाही का क्लेम देने में भी किसानों को गच्चा दे चुकी
है। खरीफ क ी फसल में 8160 किसानों ने फसल बीमा कराया था। इनमें से 1942
किसानों को ही बीमा कंपनी ने क्लेम केे दायरे में माना था। इनके लिए 62 लाख
89 हजार 604 रुपया रिलीज कि या गया था। 6218 किसानों को कंपनी ने क्लेम
केे दायरे से बाहर कर दिया था।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
आलू व
गेहूं की फसल के लिए 11 हजार 738 किसानों ने बीमा कराया था। बीमा कंपनी ने
गेहूूं की नुकसानी का ही क्लेम दिया है। आलू किसानों को नुकसानी के सापेक्ष
क्लेम के दायरे में नहीं माना है। कंपनी ने गेहूं की फसल में बीमा क्लेम
का एक करोड़ 39 लाख 4 हजार 297 रुपया रिलीज किया है। कंपनी ने अभी इतनी
डिटेल ही कंपनी ने दी है।
-- एके सिंह, उपनिदेशक कृ षि