बेटियों के भविष्य को ऊंची उड़ान दिलाने में केंद्र सरकार ने एक और कदम
उठाया है। डाकघर विभाग में सुकन्या समृद्धि योजना लागू कर बेटियों का
भविष्य निखारा जाएगा। इसके तहत 0 से 10 साल की कन्याओं के खाते खोले
जाएंगे। खाताधारकों को 9.1 प्रतिशत का वार्षिक ब्याज दिया जाएगा।
केंद्र
सरकार की ओर से बालिकाओं के सशक्तीकरण की दिशा में डाकघर में शुरू की गई
सुकन्या समृद्धि योजना अभिभावकों के लिए वरदान साबित होगी। इस योजना के तहत
0 से 10 वर्ष की आयु तक की कन्याओं के खाते न्यूनतम 1000 रुपये से खोले
जाएंगे। इसके तहत अभिभावकों को एक हजार रुपया प्रतिमाह 14 वर्ष तक जमा करना
होगा। 21 वर्ष के बाद खाता परिपक्व होने पर उन्हें 6,41,092 की धनराशि
वापस मिलेगी। यानी 14 वर्ष में खाते में जमा होंगे
1.68 लाख रुपये और 21
वर्ष बाद 6,41,092 रुपये की वापसी होगी। यह योजना गरीबों के लिए काफी
लाभकारी साबित होगी। इस योजना से बेटियों का भविष्य उज्ज्वल होगा। इस योजना
के तहत मिलने वाली धनराशि बेटियों की शादी और पढ़ाई-लिखाई में काम आएगी।
डाकघर फर्रुखाबाद के अधीक्षक लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि योजना के तहत
डाकघर में खाते खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना हर वर्ग के
लोगों के लिए अच्छी है। उन्होंने बताया कि सभी डाकघरों में यह योजना लागू
है।
ऐसे करें आवेदन
डाकघर से आवेदन प्राप्त कर उसे भरें। आवेदन
पत्र के साथ कन्या का जन्म प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य। इसके साथ ही पिता
या मां का पहचान पत्र।
ये मिलेंगे लाभ
- वार्षिक 9.1 प्रतिशत ब्याज।
- सिर्फ 0 से 10 वर्ष की कन्याओं के खुलेंगे खाते।
- एक वर्ष में 1000 रुपये न्यूनतम एवं 1,50,000 रुपये अधिकतम जमा करने की सुविधा।
- बेटी के 18 वर्ष पूरे होने पर 50 प्रतिशत धनराशि निकालने का प्रावधान।
- 21 वर्ष में खाता होगा परिपक्व।
बेटी ही निकाल सकेगी धन
योजना
के तहत खोले गए खाते में जमा धनराशि अभिभावक नहीं निकाल पाएंगे। डाक
अधीक्षक लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि कन्या के 18 वर्ष होने के बाद उसे
ही पैसा निकालने दिया जाएगा। इसके लिए अभिभावक को लिखकर देना होगा कि बेटी
की शादी या फिर शिक्षा के लिए पैसे निकाल रहे हैं।