फोटो-02,कई वर्षों से बंद पड़ा मेजर एसडी सिंह मेडिकल कालेज,संवाद
फर्रुखाबाद। जिले में नए मेडिकल काॅलेज की स्वीकृति में पोर्टल का रोड़ा फंसा है। असल में आठ साल पहले बंद हो चुके निजी मेडिकल कॉलेज का नाम अभी तक पोर्टल पर चल रहा है। ऐसे में नए मेडिकल कॉलेज के लिए आवेदन नहीं हो पा रहा है।
फिलहाल जनप्रतिनिधियों की मांग पर जिलाधिकारी ने शासन को पत्र भेजकर पोर्टल से पुराना नाम हटवाकर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति देने का प्रस्ताव भेजा है।
जिले के प्रभारी व पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के सामने सांसद व विधायक कई बार जनपद में मेडिकल कॉलेज बनवाने की मांग उठा चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक शासन से मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति नहीं मिली है।
इसके पीछे मुख्य कारण यह बताया जा रहा है कि जनपद में पहले मेजर एसडी सिंह मेडिकल कॉलेज (एलोपैथी) संचालित था। आठ पूर्व उसकी मान्यता समाप्त होने के बावजूद अभी तक उसका नाम केंद्र सरकार के पोर्टल पर दर्ज है।
सरकार की मंशा है कि एक जिला एक मेडिकल कॉलेज होेना चाहिए। ऐसे में जनप्रतिनिधियों की मांग और प्रभारी मंत्री की सहमति पर जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने शासन व स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भेजा था। उन्होंने पोर्टल से पुराना नाम हटाने का अनुरोध किया है।
तीन दिन पूर्व शासन से नामित प्रबुद्धजनों से जिलेे के विकास के लिए हुए संवाद के दौरान सांसद व विधायकों ने जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना का मुद्दा फिर से उठाया था। लोहिया अस्पताल का उच्चीकरण कर मेडिकल कॉलेज बनाने का सुझाव दिया। फिलहाल अभी तक पोर्टल का रोड़ा बरकरार है।
सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि पोर्टल पर निजी मेडिकल काॅलेज का नाम दर्ज होने से नया आवेदन स्वीकृत नहीं हो पा रहा है। जिलाधिकारी की ओर से पत्र भेजकर प्रक्रिया आगे बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। पोर्टल से नाम हटने के बाद ही स्वीकृति की कार्रवाई आगे बढ़ सकेगी।