फर्रुखाबाद। छह दिन पहले सड़क हादसे में घायल हुए पीओपी कारीगर की अस्पताल में मौत हो गई। उसकी बाइक का अभी तक पता नहीं चला है। परिजनों को पुलिस ने कोई जानकारी नहीं दी। लोहिया अस्पताल में कारीगर को भर्ती कराने वाले सिपाही का नाम पता चलने पर परिजन रामनगरिया थाना पहुंचे, तो उन्हें भगा दिया गया।
शहर से सटे मसेनी गड़रियन नगला निवासी कुलदीप पाल (25) पीओपी कारीगर था। वह आठ फरवरी को अर्जुनपुर गांव में काम के बारे में बात करने के लिए गया था। वहां से बाइक से शाम को घर लौट रहा था। उसी दौरान पांचाल घाट पर पर हादसे का शिकार हो गया। पुलिस को वहां बेहोशी की हालत में मिला था। उसकी बाइक मौके पर नहीं मिली थी।
कायमगंज थाने के सिपाही सुखवीर सिंह ने उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां से डॉक्टर ने उसे सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी रेफर किया थआ। वहां सोमवार को कुलदीप की उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजन अंतिम संस्कार के बाद कुलदीप की बाइक और घटना की जानकारी लेने पांचाल घाट चौकी और रामनगरिया मेला थाने पहुंचे, मगर उन्हें बैरंग लौटा दिया गया।
इसके बाद बहनोई हरिओम और चचेरे भाई सनी ने लोहिया अस्पताल में जानकारी की तो कुलदीप को भर्ती कराने वाले सिपाही का नाम पता चल गया। इस सिपाही की ड्यूटी इन दिनों मेला के थाने में है। इस पर वे मेला थाने पहुंचे।
हरिओम ने बताया कि मेला थाने में जानकारी करने पर वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने उससे अभद्र भाषा इस्तेमाल किया। कहा कि पहले रिपोर्ट दर्ज कराओ। इसके बाद ही कुछ पता करने की बात कही। कुलदीप की पत्नी रीता ने 15 दिन पहले बेटी को जन्म दिया था। कुलदीप की मौत से मां सरोजनी, पिता विजय बहादुर, छोटे भाई रंजीत, सुरजीत और रिषभ का कुलदीप रो-रो कर बुरा हाल है।