नवाबगंज। सीएचसी के इमरजेंसी कक्ष में कोरोना संक्रमित मरीज को बेड पर लिटाने पर परिजनों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। फार्मासिस्ट ने मरीज को एल टू अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इस पर परिजनों ने फार्मासिस्ट को धमकी दी कि उसका तबादला करा देंगे।
कस्बा के अचरा रोड निवासी एक व्यापारी 6 मई को कोरोना से संक्रमित हो गया था। परिवार के लोग रिपोर्ट आने पर व्यापारी को होम आइसोलेट कर दिए थे। शनिवार की सुबह व्यापारी की हालत बिगड़ गई। परिजन व्यापारी को सीएचसी लेकर आए और इमरजेंसी कक्ष में पड़े बेड पर लिटा दिया।
स्वास्थ्य कर्मियों के पूछने पर बताया कि कोरोना संक्रमित मरीज है। इस पर स्वास्थ्य कर्मियों में भगदड़ मच गई। फार्मासिस्ट विजय पाल शाक्य ने इसका विरोध कर परिजनों से कहा कि कोरोना संक्रमित मरीज को एल टू अस्पताल लेकर जाओ। वहां पर ही इनका इलाज होगा।
इस तरह बिना पूछे कोरोना संक्रमित मरीज को इमरजेंसी कक्ष में नहीं लाना चाहिए। इस पर व्यापारी के परिजन स्वास्थ्य कर्मियों से भिड़ गए और नोकझोंक होने लगी। व्यापारी के परिजनों ने फार्मासिस्ट को उसका तबादला कराने की धमकी दी। इसके बाद परिजन व्यापारी को अपने साथ ले गए।