फर्रुखाबाद। कोरोना कर्फ्यू के दौरान बाजारों और गली-मोहल्लों को सैनिटाइज करने के आदेश की सिटी मजिस्ट्रेट के सामने पोल खुल गई। उन्हें दमकल और पालिका की गाड़ियों में केमिकल तो दूर पानी तक नहीं मिला। इस पर ईओ के सामने ही सिटी मजिस्ट्रेट ने दोनों विभागों के कर्मियों को जमकर फटकार लगाई। इसके बाद दोपहर दो बजे बढ़पुर से सैनिटाइजेशन का काम शुरू किया जा सका।
शासन ने कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए कर्फ्यू के दौरान सघन सफाई अभियान और सैनिटाइजेेशन कराने के निर्देश दिए थे। कई दिन से न तो पालिका ने शहर को सैनिटाइज किया और न ही दमकल विभाग की गाड़ियों से हो रहा था। विभागों की लापरवाही को उजागर करते हुए ‘अमर उजाला’ ने 7 मई के अंक में पेज संख्या चार पर सैनिटाइजेशन और सफाई अभियान ठप शीर्षक से खबर प्रकाशित की।
इसके बाद शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य और ईओ रविंद्र कुमार सैनिटाइजेेशन का जायजा लेने दोपहर 12.43 बजे लालगेट पर पहुंचे। वहां पालिका की एक गाड़ी खड़ी मिली। उन्होंने चलाने को कहा तो पालिका कर्मचारी विनय कश्यप ने पानी न होने की बात कही। इस पर नाराजगी व्यक्त की। कुछ ही देर में दमकल विभाग की दूसरी गाड़ी भी आ गई। उस गाड़ी में भी पानी न होने की बात बताई गई।
शहर को सैनिटाइज करने पहुंची दोनों गाड़ियां खाली देख सिटी मजिस्ट्रेट खफा हो गए। उन्होंने पालिका और दमकल विभाग के कर्मियों को ह़ड़काया। इसकेे बाद दोनों गाड़ियां आवास विकास पानी भरने के लिए भेजी गईं। टैंकरों में डालने के लिए हाइपोक्लोराइड मंगवाया गया। सिटी मजिस्ट्रेट और ईओ के सामने ही सैनिटाइजेशन की पोल खुल गई। इसके बाद दोनों ही अधिकारी मौके से चले गए। दोपहर बाद दो बजे बढ़पुर से सैनिटाइज अभियान शुरू किया जा सका।
गली मोहल्लें नहीं हो रहे सैनिटाइज
सेनापति के सामने टाइपिंग वाली गली निवासी अधिवक्ता अनुज मिश्रा ने कहा कि सेनापति में कई लोग पॉजिटिव निकले। मगर पालिका ने एक बार भी सैनिटाइज कराने की जरूरत नहीं समझी। उन्होंने ईओ को भी फोन किया, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी लापरवाही की वजह से संक्रमण बढ़ रहा है।