फर्रुखाबाद। ओमिक्रॉन की आहट सुनाई देने के बावजूद अभी तक जिले में ऑक्सीजन सिलिंडर भरने का कोई इंतजाम नहीं है। संक्रमण बढ़ने पर आक्सीजन सिलिंडर भराने में फिर समस्या आ सकती है। सबसे बड़ी दिक्कत कायमगंज सीएचसी में होने की आशंका है। वहां ऑक्सीजन प्लांट ही नहीं लगाया गया है।
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जिले में कई संक्रमित मरीजों को समय से ऑक्सीजन न मिल पाने से जान गंवानी पड़ी थी। इसके बाद सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में सर्वाधिक धन ऑक्सीजन की व्यवस्था पर खर्च किया। जिले में लोहिया अस्पताल के अलावा पांच सीएचसी में आक्सीजन प्लांट लगाए गए। लोहिया अस्पताल में 40, जबकि सीएचसी फतेहगढ़ में 20, मोहम्मदाबाद मेें 30, कमालगंज में 20, बरौन में 50 व राजेपुर में 15 बेडों पर सीधे प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई गई है।
इसके अलावा लोहिया अस्पताल में ऑक्सीजन के 34 जंबो सिलिंडर और प्रत्येक सीएचसी पर 10 जंबो सिलिंडर उपलब्ध कराए गए हैं। सीएचसी कायमगंज में कोरोना मरीजों के लिए 20 बेड तैयार किए गए हैं, लेकिन यहां आक्सीजन के लिए प्लांट नहीं है, 10 जंबो सिलिंडर दिए गए हैं।
जिन अस्पतालों में प्लांट लगे हैं, उनसे निर्धारित बेडों पर ऑक्सीजन की सप्लाई तो पहुंचेगी, लेकिन प्लांट से सिलिंडर नहीं भरे जा सकेंगे, क्योंकि जिले में ऑक्सीजन सिलिंडर भरने के अभी तक कोई व्यवस्था नहीं है।
दूसरी लहर के दौरान हमीरपुर, कानपुर और बरेली से ऑक्सीजन सिलिंडर भरवाकर काम चलाया गया था। इससे समय से सिलिंडर न आ पाने से कई मरीजों को जान भी गंवानी पड़ी थी। हालांकि सिलिंडर भरने के लिए फतेहगढ़ में एक निजी ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। वह भी अभी तक चालू नहीं हो सका है।
ऑक्सीजन की ये हैं व्यवस्थाएं
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान स्वास्थ्य विभाग के पास 55 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर और 50 जंबो सिलिंडर थे। तीसरी लहर की आशंका को देखते ऑक्सीजन व्यवस्था पर सर्वाधिक जोर दिया गया। इन दिनों स्वास्थ्य विभाग के पास करीब 350 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर और 150 से अधिक जंबो सिलिंडर हैं।
लोहिया अस्पताल में प्लांट के अलावा 34 सिलिंडर व 35 कन्संट्रेटर, फतेहगढ़ सीएचसी में 10 सिलिंडर व 65 कन्संट्रेटर, कमालगंज में 10 सिलिंडर व 39 कन्संट्रेटर, मोहम्मदाबाद में 10 सिलिंडर व 34 कन्संट्रेटर, बरौन में 10 सिलिंडर व 34 कन्संट्रेटर, राजेपुर में 10 सिलिंडर व 25 कन्संट्रेटर, जबकि सीएचसी कायमगंज में 10 सिलिंडर व 34 कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं।
कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सतर्कता बढ़ गई है। निदेशालय से स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स पर भर्ती किए गए डॉक्टरों और कर्मचारियों की रिपोर्ट भेज दी गई है। अभी विभाग के पास डॉक्टरों की भारी कमी ह्रै। अस्पतालों में लगे ऑक्सीजन प्लांटों में सिलिंडर भरने की व्यवस्था नहीं है। जरूरत पड़ने पर बाहर से ही भरवाने पड़ेंगे। विभाग के पास ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व सिलिंडर पर्याप्त हैं।-डॉ. सर्वेश यादव, डिप्टी सीएमओ व नोडल अधिकारी।
सुशील तिवारी। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD
अवधेश चंद्र पांडेय। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD