कमालगंज। गंगा की बाढ़ और कटान से धारा नगला व कल्लूनगला गांव के कई परिवार बेघर हो गए हैं। कटाने के कारण ग्रामीणों को अपने घर तोड़ने पड़े। अब वह परिवार के साथ प्लास्टिक के तिरपाल में गांव से दूर बाग में डेरा डाले हैं। वहां पानी के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। पीड़ितों को करीब एक किलोमीटर दूर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। पीड़ित प्रशासन की ओर मदद की आस में टकटकी लगाए हैं।
गांव धारा नगला में सरवन व नरवन के मकान के आसपास तीन फीट पानी भरा है। मकान की दीवार गिरने से सरवन का पुत्र उर्वेश घायल हो गया। थाना क्षेत्र के तेरा अकबरपुर के प्राथमिक विद्यालय में भी पानी पहुंचने से खतरा है।
धारा नगला गांव के 10 बाढ़ पीड़ित परिवारों ने बागों में गृहस्थी जमाई है। पवन माहेश्वरी के बाग में रह रहे महेशचंद्र ने बताया कि खुले में मच्छर काटते हैं। कुछ बच्चों को बुखार आ गया। केरोसिन भी नहीं है। रात को बादल होने, हवा चलने पर पन्नी (तिरपाल) उड़ता है। मकान तोड़कर ईंटें तो ले आए लेकिन जमीन खरीदने के लिए रुपये नहीं हैं। कल्लूनगला के छह परिवारों भी बाग में पड़े हैं। एक परिवार के मुखिया हरिश्चंद्र ने बताया एक माह पूर्व कटान होने से मकान तोड़े थे।