- सीएमएस का दावा, निजी अस्पतालों में मरीजों को भिजवाने का नहीं चलेगा खेल
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। इमरजेंसी में बाहरियों के जमावड़े की सूचना पर पहुंचे सीएमएस ने दौड़ा दिया। उन्होंने युवकों को मुकदमा लिखवाने की धमकी दी। कहा कि अब निजी अस्पतालों में मरीजों को भिजवाने का खेल नहीं चलेगा। रविवार दिन में बाहरी युवक नहीं दिखाई दिए।
लोहिया जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दुर्घटना अथवा अन्य किसी बीमारी के मरीजों के पहुंचते ही कुछ बिना ड्यूटी काम करने वाले युवक मरीजों को देखने की बजाय सबसे पहले अपनों को फोन करते हैं। कुछ ही देर में निजी अस्पतालों के कई दलाल इमरजेंसी में पहुंचकर मरीज के तीमारदारों से हालत गंभीर होने की बात करने लगते।
तीमारदार अच्छा अस्पताल पूछते, तो वही कर्मचारी और दलाल उन्हें एंबुलेंस बुलवाकर ले जाने का खेल कर रहे हैं। इसकी भनक सीएमएस डॉ. अशोक प्रियदर्शी को लगी, तो शनिवार रात करीब नौ बजे इमरजेंसी जा पहुंचे। वहां चार-पांच युवक बिना ड्यूटी के अंदर दिखाई दिए। उन्होंने जमकर क्लास लगाई।
कुछ युवकों ने सफाई देने की कोशिश की, तो सीएमएस ने फटकार लगाते हुए मुकदमा लिखाने की धमकी दी। इस पर युवक भाग गए। उन्होंने कहा कि अब बाहरी लोगों का इमरजेंसी में खेल नहीं चलेगा। वह अचानक इमरजेंसी के हालात को देखेंगे।
सीसीटीवी कैमरे भी कर दिए जाते हैं बंद
मुख्य गेट, इमरजेंसी आदि में सीसीटीवी कैमरे इसीलिए लगाए गए थे कि इनसे अराजकतत्वों, अस्पताल में आने वाले दलालों अथवा धन उगाही करने वालों पर नजर रखी जाए, मगर बाहरियों के मददगार अस्पताल कर्मी कैमरों को बंद करने में सहयोग करते हैं। दलालों का आलम यह है कि वह 24 घंटे में 10-10 बार इमरजेंसी, पीकू वार्ड, एसएनसीयू और अन्य वार्डों के चक्कर लगाते हैं। जिम्मेदार इन्हें किसी भी कैमरे में देखने की जरूरत नहीं समझते। इसीलिए अनैतिक कामों को बढ़ावा मिल रहा है।
पहले क्या होता रहा, नहीं जानते। मगर अब किसी भी बाहरी को इमरजेंसी में नहीं रहने दिया जाएगा। जिससकी ड्यूटी होगी, वही काम करेंगे। बाहरी दलाल होने की सूचना मिली, तो उसे पुलिस बुलवाकर जेल भिजवाएंगे।
डॉ. अशोक प्रियदर्शी, सीएमएस, लोहिया जिला अस्पताल