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चौकी इंचार्ज आवास विकास व दीवान, सिपाही लाइन हाजिर

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जनसेवा केंद्र संचालक को उठाकर दो लाख रुपये वसूलने की साजिश में आवास विकास चौकी इंचार्ज, कोतवाली के दीवान और चौकी के एक सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया है। जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है।
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शहर के आवास विकास कालोनी निवासी अभिनव गुप्ता ने करीब 15 दिन पहले उसकी आईडी से आधार कार्ड बनाने की शिकायत एसपी से की थी। एसपी ने शहर कोतवाल विनोद कुमार शुक्ला और सर्विलांस प्रभारी को जांच के आदेश दिए थे। सर्विलांस सेल के दीवान सत्येंद्र यादव ने शहर कोतवाली के दीवान रामनरेश यादव के साथ मेरापुर थाना क्षेत्र के नूरनगर निवासी जनसेवा केंद्र संचालक रंजीत को पकड़ने की साजिश बना डाली।
दीवान रामनरेश ने चौकी इंचार्ज आवास विकास विशेष कुमार व सिपाही जीतू कुमार को भी साजिश में शामिल कर लिया। इन पुलिस कर्मियों ने रंजीत की तलाश में दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया।
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दीवान सत्येंद्र ने रंजीत का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया। गांव में उसकी लोकेशन मिलने पर मेरापुर थाने के सिपाही रिंकू कुमार व कपिल के जरिये 10 अक्तूबर को उसे उठवा लिया। सिपाही कार में रंजीत को घुमाते रहे और छोड़ने की एवज में दो लाख रुपये मांगे थे। रंजीत के पिता से जानकारी मिलने पर अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य ने आईजी जोन मोहित अग्रवाल से शिकायत की।
एएसपी अजय प्रताप ने दीवान सत्येंद्र, सिपाही रिंकू कुमार व कपिल को निलंबित कर दिया। रंजीत की तहरीर पर दो अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया। सीओ कायमगंज सोहराब आलम ने जांच के बाद दोनों सिपाही व दीवान सत्येंद्र को मुकदमे में आरोपी बनाया। एसपी अशोक कुमार मीणा ने शनिवार देर रात आवास विकास चौकी इंचार्ज विशेष कुमार, दीवान रामनरेश यादव व सिपाही जीतू कुमार को लाइन हाजिर कर दिया। इसकी जांच सीओ सिटी नीतेश सिंह को दी गई है।
21 वर्षों से तैनात है रामनरेश
दीवान रामनरेश जिले में 21 वर्ष से तैनात है। उसका दो बार गैर जनपद ट्रांसफर हुआ। कुछ दिनों बाद उसने जिले में फिर तबादला करा लिया था। वह एसओजी में भी तैनात रहा।
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