फर्रुखाबाद। बीएड की फर्जी डिग्री से परिषदीय स्कूूलों में नौकरी बनने वाले 15 और शिक्षकों की बर्खास्तगी होना तय हो गया है। एसआईटी जांच में डिग्री फर्जी होने की पहले ही पुष्टि हो चुकी है। अंतिम नोटिस देकर बुधवार को उनका पक्ष भी सुन लिया गया है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की वर्ष 2005 में बीएड की फर्जी डिग्री से लोग परिषदीय स्कूलों में शिक्षक बन गए थे। इस मामले की जांच उच्च न्यायालय के आदेश पर एसआईटी कर रही है। एसआईटी की जांच में फर्रुखाबाद के करीब 50 शिक्षक फंसे हैं। इसमें से 20 शिक्षकों की बीएड की फर्जी डिग्री होने पर एक पखवारा पहले बीएसए उनकी सेवाएं समाप्त कर चुके हैं। बकाया 30 शिक्षकों के खिलाफ जांच चल रही है। इसमें 15 शिक्षकों को बीएसए ने नोटिस देकर अपना पक्ष रखने को आदेश दिया था। बुधवार को शिक्षकों ने बीएसए को अपना पक्ष लिखकर दिया। इस पर जिला स्तरीय कमेटी के सदस्यों ने शिक्षकों की ओर से दिए प्रार्थना पत्रों का अवलोकन किया। पर उनका जवाब संतोष जनक नहीं पाया गया। इसके बाद अब इन 15 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने की तैयारी शुरू कर दी है।
बीएसए रामसिंह ने बताया कि जनपद में बीएड की फर्जी डिग्री वाले करीब 50 शिक्षक चिह्नित हुए हैं। इसमें से 20 शिक्षकों की सेवा समाप्ति हो चुकी है। 15 के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई जल्द ही की जाएगी। बकाया 15 शिक्षकों को पक्ष रखने के लिए अंतिम नोटिस दिया जाएगा। उनका पक्ष भी सुना जाएगा।