शिक्षक पदों पर शिक्षा मित्रों को समायोजित करने की प्रक्रिया के तहत
विकल्प भरने के कार्यक्रम में संशोधन हो गया है। पांच मई तक भरे जाने वाले
विकल्प अब दो मई तक भरे जाएंगे। प्रतिदिन विकल्प से भरने वाले स्कूल और
रिक्त रहने वाले स्कूलों की सूची बीएसए कार्यालय में चस्पा नहीं की जाती
है। इस कारण विकल्प पत्र में स्कूल भरने के बाद महिला शिक्षकों को बाद में
संशोधन करना पड़ता है।
प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षामित्रों की काउंसलिंग
प्रक्रिया के बाद अब महिला व विकलांग शिक्षामित्रों के विकल्प भरवाए जा रहे
हैं। पांच मई तक विकल्प पत्र भर कर जमा करने की तिथि घोषित की गई थी।
बीएसए योगराज सिंह ने इसमें संशोधन कर दिया है। एक मई को विकल्प पत्र भरकर
जमा करने के लिए जो शिक्षामित्र बुलाए गए, उन्हें अब 30 अप्रैल को बुलाया
गया है। इसी तरह 2 व 3 मई को बुलाए गए शिक्षकों को अब 1 मई को विकल्प भरने
के लिए बुलाया गया है। पांच मई वाले शिक्षकों को दो मई
को विकल्प पत्र भरकर
जमा करने का आदेश दिया है। विकल्प पत्र भरने से कितने विद्यालयों के पद
पूरे हो गए , कितने में रिक्त हैं इसकी सूची प्रतिदिन बीएसए कार्यालय में
चस्पा नहीं की जाती है। पहले दिन चस्पा स्कूलों की सूची के आधार पर
शिक्षामित्र स्कूलों का चयन का विकल्प पत्र में भरते हैं। इनको जमा करने के
दौरान शिक्षकों को पता चलता है कि जिस विद्यालय का नाम विकल्प पत्र में
भरा, उसके सभी पद भर गए हैं। इस कारण विकल्प पत्र से स्कूल का नाम काटकर
दूसरा स्कूल भरना पड़ता है। शिक्षामित्रों ने रोज सूची अपडेट करने की मांग
की है।