डा. राम मनोहर लोहिया की कर्मभूमि पर सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव पूरी तरह से चुप्पी साधे रहे। सपा के जानकारों का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब नेताजी लोहिया की कर्मभूमि पर बिना कुछ बोले वापस लौट गए। मुलायम सिंह की गंभीरता और कुछ न कहने के पीछे सियासी निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस गंभीरता के पीछे कोई न कोई राज जरूरत छिपा है।
सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव बुधवार दोपहर श्रम संविदा बोर्ड के पूर्व चेयरमैन सतीश दीक्षित के बेटे के तिलक समारोह में पहुंचे। वह यहां करीब 35 मिनट तक रहे। इस दौरान पार्टी नेताओं से भी कोई सियासी बात नहीं की। वह पूरी तरह से अभिभावक की भूमिका में नजर आए। पार्टी के नेता उनकी आगवानी में लगे रहे, लेकिन उन्होंने किसी को खास तवज्जो नहीं दिया। मालूम हो कि14 अप्रैल को समाजवादी पार्टी, जनता दल यूनाइटेड, राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल सेक्युलर,
इंडियन नेशनल लोकदल व समाजवादी जनता पार्टी ने विलय में नया नाम समाजवादी जनता दल और चुनाव चिन्ह साइकिल की चर्चाएं आम हुई थीं। 15 अप्रैल को विलय में इनका ऐलान नहीं हुआ। नेताजी को अध्यक्ष जरूर बनाया गया था। बिहार में चुनाव होने हैं। ऐसे में जनता परिवार के बारे में नेताजी का न बोलने के सियासी निहितार्थ निकाले जा रहे हैं।
सतीश के बेटे को दिया आशीर्वाद
सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव का उड़नखटोला दोपहर 12.40 बजे पुलिस लाइन हेलीपैड पर उतरा। यहां से वह दोपहर 1 बजे सतीश दीक्षित के साथ समारोह स्थल पहुंचे। उन्हाेंने बेटे उत्कर्ष को आशीर्वाद दिया। यहां पूर्व सांसद छोटे सिंह यादव, विधायक अजीत कठेरिया, एमएलसी असीम यादव, सपा जिला अध्यक्ष प्रताप सिंह यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव, दलगंजन सिंह यादव, डा. जितेंद्र यादव, डा. सुबोध यादव, अरविंद प्रताप सिंह, उर्मिला राजपूत, सुलक्षणा सिंह,
विश्वास गुप्ता, सुधीर यादव, सुषमा जाटव पहुंचीं। भोजन क रने के बाद वह सतीश दीक्षित के साथ हेलीपैड के लिए रवाना हो गए। मुलायम सिंह के आने से पहले खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेएस वर्मा ने खाने का सैंपल लिया। जेएस वर्मा ने सलाद, बिसलरी, कोल्ड ड्रिंक, चावल, सब्जियाें के नमूने लिए ।
सुप्रीमो के आते ही सुरक्षा व्यवस्था तार-तार
सपा प्रमुख के आते ही सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो गई। कार्यकर्ताओं ने पुलिस की एक नहीं सुनी। पुलिस लाइन गेट पर सिपाही के रोकने पर बवाल काटा। सपा कार्यालय के सामने नेताजी की कार रोककर स्वागत किया। उनका काफिला लोहिया की मूर्ति के पास से बिना रुके गुजर गया।
पुलिस लाइन हेलीपैड पर पूर्व मंत्री सतीश दीक्षित के अलावा पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह यादव, विधायक अजीत कठेरिया, सपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह यादव यहां पहुंचे। वहीं सुबोध यादव, विश्वास गुप्ता, पूर्व सांसद छोटे सिंह यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव, रामसेवक यादव, राजकुमार सिंह राठौर, सपा नेता अजय कश्यप समेत कई कार्यकर्ता सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ कर हेलीपैड जा पहुंचे और नेताजी से मिले। गेस्टहाउस पहुंचते ही सुरक्षा कर्मियों ने मुलायम की कार को घेर लिया।
हालांकि वह बाहर नहीं निकले। यहां कार्यकर्ताआें ने स्वागत किया। डायमंड पैलेस पहुंचने पर सपा नेताआें ने अंदर जाना चाहा तो सुरक्षाकर्मियाें ने रोक दिया। इस पर सुरक्षाकर्मियाें से नोकझाेंक हो गई। इससे पूर्व विधायक सुरेश
यादव, पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, पूर्व सांसद छोटे सिंह यादव, विश्वास गुप्ता काफी देर तक गेट पर खड़े रहे। बाद में शहर कोतवाल आरपी यादव ने गेट खुलवा कर इन नेताओं को अंदर जाने दिया। कार्यक्रम के बाद मुलायम का काफिला पुलिस लाइन पहुंचा। यहां पर एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था तार तार हो गई। डीएम, एसपी सपा नेताओं को रोक नहीं पाए।
कमांडो की कार रोकी, मांगी परमीशन
सपा प्रमुख की कार गेस्ट हाउस के अंदर आते ही होटल के मेन गेट को बंद कर दिया गया था। कुछ ही देर में मुलायम सिंह की सुरक्षा में लगे कमांडो की कार आई तो गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने इसे रोक दिया। कमांडो ने सीओ मोहम्मदाबाद योगेश कुमार से भी गेट खुलवाने को कहा तो उन्होंने भीअनसुना कर दिया। सीओ कायमगंज एके रावत ने कमांडो से कहा कि वह डीएम की परमीशन लेकर आए, तब गेट खेल दिया जाएगा। कार चालक ने इसके बाद गाड़ी को बाहर खड़ा कर दिया।